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टीम-23 के सीधे संपर्क में यूपी कांग्रेस के निष्कासित और असंतुष्ट नेता, केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व पर भी उठा रहे सवाल
Sat, 05 Sep 2020 12:25 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 05 Sep 2020 12:25 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश कांग्रेस निष्कासित और असंतुष्ट नेता कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाली टीम-23 के सीधे संपर्क में हैं। पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे ये नेता केंद्रीय नेतृत्व के साथ ही प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगा रहे हैं। उनका कहना है की पार्टी में अब आंतरिक लोकतंत्र की मांग करना गुनाह हो गया है।
अपने काडर के बजाय बाहर से आए नेताओं पर ज्यादा भरोसा किया जा रहा है। कुछ समय पहले केंद्रीय नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए गुलाम नबी आजाद समेत 23 वरिष्ठ नेताओं ने पत्र लिखा था। इसके लीक होते ही पार्टी के भीतर भूचाल आ गया और यूपी कांग्रेस भी इससे अछूती नहीं रही।
पत्र लिखने वाली टीम-23 में शामिल कई नेता यूपी प्रदेश कांग्रेस से निष्कासित या अलग-अलग कारणों से असंतुष्ट नेताओं के भी लगातार संपर्क में हैं। वे यूपी के नेताओं के लिए भी इस तरह के पत्र लिखने के लिए कह रहे हैं, ताकि अपने पक्ष में व्यापक समर्थन हासिल किया जा सके। साथ ही यूपी के इन निष्कासित नेताओं के साथ पहले न खड़े होने पर अफसोस भी जाहिर कर रहे हैं।
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अपने काडर के बजाय बाहर से आए नेताओं पर ज्यादा भरोसा किया जा रहा है। कुछ समय पहले केंद्रीय नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए गुलाम नबी आजाद समेत 23 वरिष्ठ नेताओं ने पत्र लिखा था। इसके लीक होते ही पार्टी के भीतर भूचाल आ गया और यूपी कांग्रेस भी इससे अछूती नहीं रही।
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पत्र लिखने वाली टीम-23 में शामिल कई नेता यूपी प्रदेश कांग्रेस से निष्कासित या अलग-अलग कारणों से असंतुष्ट नेताओं के भी लगातार संपर्क में हैं। वे यूपी के नेताओं के लिए भी इस तरह के पत्र लिखने के लिए कह रहे हैं, ताकि अपने पक्ष में व्यापक समर्थन हासिल किया जा सके। साथ ही यूपी के इन निष्कासित नेताओं के साथ पहले न खड़े होने पर अफसोस भी जाहिर कर रहे हैं।
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कांग्रेस में अब निर्णायक संघर्ष का दौर
करीब 10 महीने पहले कांग्रेस ने अपने 10 वरिष्ठ नेताओं को एक साथ पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इनमें पूर्व मंत्री स्वयं प्रकाश गोस्वामी, पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी, पूर्व सांसद डॉ संतोष सिंह, पूर्व विधायक विनोद चौधरी, पूर्व एमएलसी सिराज मेहंदी, नेक चंद्र पांडे, भूधर नारायण मिश्रा, संजीव सिंह और संजय शर्मा आदि शामिल हैं। इन नेताओं पर कांग्रेस के स्थापना दिवस के अवसर पर अलग बैठक करने और नेतृत्व पर सवाल उठाने के आरोप में कार्रवाई की गई थी। इन नेताओं ने इसके खिलाफ केंद्रीय नेतृत्व को भी पत्र लिखा, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
अब ये नेता टीम-23 के संपर्क में आकर अपने विरोध के स्वर को धार देने में जुटे हैं। पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी कहते हैं, हाल ही में पूर्व सांसद संतोष सिंह और गुलाम नबी के बीच मेरी मौजूदगी में टेलीफोन पर वार्ता हुई थी। हमने अपनी बात गुलाम नबी के सामने रखी तो उन्होंने माना कि हमारे निष्कासन का मामला उनकी जानकारी में नहीं था।
इसलिए इस बात को नहीं उठा सके। हमने गुलाम नबी को यह भी बताया कि कांग्रेस में अगर आंतरिक लोकतंत्र बहाल नहीं किया गया तो पार्टी इतिहास की वस्तु हो जाएगी। राज बब्बर की कमेटी में जन आंदोलन समिति, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रहे स्वयं प्रकाश गोस्वामी स्वीकार करते हैं कि हाल ही में उनकी वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, मुकुल वासनिक और मनीष तिवारी से बात हुई है।
अब ये नेता टीम-23 के संपर्क में आकर अपने विरोध के स्वर को धार देने में जुटे हैं। पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी कहते हैं, हाल ही में पूर्व सांसद संतोष सिंह और गुलाम नबी के बीच मेरी मौजूदगी में टेलीफोन पर वार्ता हुई थी। हमने अपनी बात गुलाम नबी के सामने रखी तो उन्होंने माना कि हमारे निष्कासन का मामला उनकी जानकारी में नहीं था।
इसलिए इस बात को नहीं उठा सके। हमने गुलाम नबी को यह भी बताया कि कांग्रेस में अगर आंतरिक लोकतंत्र बहाल नहीं किया गया तो पार्टी इतिहास की वस्तु हो जाएगी। राज बब्बर की कमेटी में जन आंदोलन समिति, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रहे स्वयं प्रकाश गोस्वामी स्वीकार करते हैं कि हाल ही में उनकी वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, मुकुल वासनिक और मनीष तिवारी से बात हुई है।
चिट्ठियों का सिलसिला और तेज करने का इरादा
गोस्वामी कहते हैं कि कांग्रेस में अब निर्णायक संघर्ष का दौर आ चुका है। अन्य लोग भी इसे महसूस कर रहे हैं। एक परिवार और उनके चाटुकारों का खुला विरोध करने की आवश्यकता है। इस वक्त कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र न सिर्फ खत्म हो गया है, बल्कि इसकी मांग करना भी गुनाह करार दिया जाता है। सिराज मेंहदी ने भी बताया कि गुलाम नबी का कई बार उनके पास भी फोन आया है। कांग्रेस में मौजूदा हालात पर चर्चा हुई है।
कांग्रेस सूत्रों की मानें तो टीम-23 के कई नेता न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि दूसरे प्रदेशों के भी असंतुष्ट व वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं। चिट्ठी का यह दौर थमेगा नहीं, बल्कि आने वाले समय में और रफ्तार पकड़ेगा।
कांग्रेस सूत्रों की मानें तो टीम-23 के कई नेता न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि दूसरे प्रदेशों के भी असंतुष्ट व वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं। चिट्ठी का यह दौर थमेगा नहीं, बल्कि आने वाले समय में और रफ्तार पकड़ेगा।