यहां अस्त्र-शस्त्र और मादक पदार्थों के बीच पाए गए भगवान
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जिले में चोरी हुई मूर्तियों सहित नेपाल से चोरी कर लाई जा रही मूर्तियों को पुलिस ने बरामद कर थाने के मालखाने में सुरक्षित कर दिया है।
जहां देवी-देवताओं की प्रतिमाएं अवैध अस्त्र-शस्त्र व मादक पदार्थों के बीच रखी गई हैं। पुलिस उन्हें देखने की जहमत नहीं उठा रही है।
कुछ मूर्तियों को बरामदगी के बाद जरूर सुरक्षित कराया गया है। नेपाल राष्ट्र के विभिन्न मठ व मंदिरों से चोरी कर भारत लाई जा रही भगवान बुद्ध की अष्टधातु मूर्ति विगत वर्ष एसएसबी व सिरसिया पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा बरामद की गई थी।
जिसे पुलिस ने सिरसिया थाने के मालखाने में सुरक्षित किया है। वहीं इकौना पुलिस ने विगत वर्ष गैर जिले से चोरी कर लाई जा रही राम जानकी की मूर्ति बरामद की थी जिसे इकौना थाने के मालखाने में सुरक्षित किया गया है।
इन सभी मूर्तियों को न्यायालय के आदेश पर सील कर सुरक्षित रखा गया है। जहां मूर्तियों के साथ ही पुलिस द्वारा बरामद किए गए अस्त्र शस्त्र सहित मादक पदार्थ भी रखे गए हैं।
जानें कहां-कहां से आई ये मूर्तियां
पुलिस उन्हें देखने की जहमद भी नहीं उठा रही है। न्यायालय के आदेश पर कपड़ों में सील कर रखी गई यह मूर्तियां किस स्थिति में हैं।
इसे दिखाना तो दूर इस बारे में कुछ बताने से भी पुलिस कतरा रही है। वहीं चार वर्ष पूर्व सिरसिया पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र के एक गांव के भुसैले में मूर्ति बरामद की थी जिसे बाद में न्यायालय के आदेश पर मंदिर को वापस कर दिया गया था।
करीब दस वर्ष पूर्व भिनगा नगर के राजर्षि ठाकुर द्वारा मंदिर से राम जानकी व लक्ष्मण जी की अष्टधातु की मूर्ति चोरी चली गई।
जिसे भिनगा कोतवाली पुलिस द्वारा बरामद कर मंदिर के प्रबंधक व पूर्व विधायक चंद्रमणिकांत सिंह को सौंपा था। यह मूर्ति अब भी मंदिर के स्थान पर चंद्रमणिकांत सिंह के भवन में सुरक्षित है।