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पोल ऑफ पोल्स: यूपी में गठबंधन का कितना चला जादू, सबकी राय जुदा
Mon, 20 May 2019 05:22 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: vivek shukla
Updated Mon, 20 May 2019 05:22 AM IST
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एग्जिट पोल
- फोटो : Amar Ujala
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लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल अगर नतीजों में तब्दील होते हैं, तो यूपी में भाजपा को सपा-बसपा-रालोद गठबंधन से झटका लगने जा रहा है। सभी एग्जिट पोल भाजपा की सीटों में गिरावट दर्शा रहे हैं। अलग-अलग एग्जिट पोल में भाजपा को 22 से 68 और गठबंधन को 20 से 45 तक सीट मिल सकती हैं। एग्जिट पोल को सही माने तो कांग्रेस के दो सीटों के पुराने आंकड़े से आगे नहीं बढ़ रही है। कुल सात एग्जिट पोल के अनुमानों के आधार पर भाजपा और गठबंधन को मिलने वाली सीटों का औसत तो यही कहानी कह रहा है।
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एग्जिट पोल यदि हकीकत में बदलते हैं तो ये भाजपा व कांग्रेस दोनों के लिए सबक हैं। यूपी में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन ने भाजपा के अश्वमेध के घोड़े को रोका है। वर्ष 2004 में अपना दल के साथ 73 सीट जीने वाली भाजपा इस बार 74 से ज्यादा सीट जीतने का लक्ष्य लेकर चुनाव मैदान में उतरी थी। भाजपा नेताओं के इस दावे पर एग्जिट पोल ने सवालिया निशान लगा दिए हैं। भाजपा को वर्ष 2014 की तुलना में 15 से 28 सीटों का नुकसान हो सकता है।
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जिस समय उत्तरी भारत के अन्य राज्यों में भाजपा की सफलता दर काफी अच्छी रही है, उस समय प्रदेश व केंद्र में भाजपा की सरकारों के बावजूद यूपी में भाजपा के प्रदर्शन को कमतर आंका जा रहा है। गठबंधन से मुकाबले के लिए भाजपा की रणनीति कसौटी पर खरी उतरती नहीं दिख रही है। गठबंधन ने पश्चिमी यूपी, बुंदेलखंड और अवध से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक भाजपा को कड़ी टक्कर दी है। गैर यादव और गैर जाटव मतों की अपने पक्ष मे लामबंदी के भाजपा के दावे भी पुख्ता साबित नहीं हो रहे हैं।
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अमेठी-रायबरेली तक सिमटी कांग्रेस
एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो कांग्रेस सिर्फ अमेठी और रायबरेली सीट तक सीमित रह जाएगी। गांधी, नेहरू परिवार का गढ़ कही जाने वाली ये दोनों सीट उसे वर्ष 2014 में भी मिली थीं। राहुल को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने, प्रियंका गांधी वाड्रा को सक्रिय राजनीति में लाने, राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वांचल का प्रभारी बनाने जाने का कांग्रेस को कोई लाभ नहीं मिला है।
गठबंधन का इम्तिहान
दो दशक बाद सपा और बसपा के साथ आने का कितना असर हुआ है, यह तो चुनावी नतीजों से ही पता लगेगा लेकिन यदि एग्जिट पोल सही हैं तो गठबंधन ने काफी हद तक प्रदेश में भाजपा की रफ्तार को रोका है। यदि गठबंधन 20-30 के आसपास सीट जीतता है तो उसका प्रदर्शन कमतर आंका आका जाएगा। लेकिन, उसकी सीट 45 से ज्यादा आई तो चुनावी इम्तिहान में उसे पास माना जाना जाएगा। अलग-अलग एग्जिट पोल में गठबंधन को 20 से 56 सीट दी गई हैं।
भाजपा-गठबंधन पर मतभेद, कांग्रेस पर एक राय
यदि सभी प्रमुख एग्जिट पोल का औसत निकाला जाए तो प्रदेश में भाजपा को 48, गठबंधन को 30 और कांग्रेस को दो सीट मिल सकती हैं। टाइम्स नाऊ-वीएमआर ने जहां भाजपा को 58 सीट दी हैं वहीं, एबीपी-नील्सन ने गठबंधन को 45 सीटें दी हैं। एग्जिट पोल में भाजपा-गठबंधन की सीटों को लेकर अलग-अलग राय है लेकिन सभी ने कांग्रेस को दो ही सीट दी हैं।