फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   ex ias officer

पूर्व आईएएस की जमीन की पैमाइश करने पहुंची टीम को रोका, कहा-साहब के फोन के बिना गेट नहीं खुल सकता...

Wed, 03 Aug 2022 02:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 02:06 AM IST
विज्ञापन
ex ias officer
लखनऊ। गोमती की 50 बीघा जमीन पर कब्जाने वाले पूर्व आईएएस के फार्म हाउस पर मंगलवार को जमीन की पैमाइश व सांकेतिक कब्जा लेने के लिए पहुंची राजस्व टीम को उनके कर्मचारियों ने गेट पर ही रोक लिया। टीम से कहा गया कि जब तक साहब का फोन नहीं आता, किसी को अंदर नहीं आने दिया जाएगा। इसके बाद टीम की अगुवाई कर रहे नायब तहसीलदार अमित कुमार त्रिपाठी के पुलिस की मदद ली, तब जाकर राजस्वकर्मी अंदर घुसने पाए और पैमाइश के बाद सांकेतिक कब्जे की कार्रवाई पूरी की।
विज्ञापन

डिप्टी कलेक्टर राजस्व के सात जुलाई 2022 के आदेश के अनुपालन में नदी की जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई होनी थी। खसरा संख्या 2488स में नदी की जमीन दर्ज है। इसमें से करीब 50 बीघा जमीन पूर्व आईएएस ने अपने खातों में दर्ज करा लिया था। इस मामले को अमर उजाला ने 21 जुलाई को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद एसडीएम सदर ने डिप्टी कलेक्टर राजस्व के आदेश के अनुपालन में एक राजस्व टीम बनाई। मंगलवार को नायब तहसीलदार काकोरी अमित कुमार त्रिपाठी की अगुआई में सात सदस्यीय टीम पैमाइश और सांकेतिक कब्जा लेने के लिए पहुंची तो पूर्व आईएएस के कर्मचारियों ने विरोध किया। इसके बाद टीम ने पुलिस की मदद लेकर फार्म हाउस के गेट के अंदर जाकर जमीन की पैमाइश व चिह्नांकन किया। कार्रवाई में सदर व बीकेटी तहसील की टीमें शामिल रहीं।
विज्ञापन

देर शाम तक चलती रही पैमाइश
राजस्व कर्मियों ने पुलिस की मौजूदगी में दोपहर में पैमाइश शुरू की। यहां पांच गांवों की सीमा होने की वजह से टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। यहां गोपरामऊ के अलावा पश्चिम गांव, पुरवा, धतिंगरा और रैथा की जमीनों की सीमा लगती है। पैमाइश के समय स्थानीय लोग भी मौके पर जुट गए। उनका आरोप था कि एक तरफ से पैमाइश किए जाने की जगह बीच में से चिह्नांकन शुरू किया गया। इससे सही पैमाइश नहीं हो सकती। ऐसे में देर शाम तक पैमाइश की कवायद चलती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोप, कुछ अधिकारी बचाने में लगे
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पैमाइश में मनमानी करके कुछ राजस्व कर्मी पूर्व आईएएस के हित में काम कर रहे हैं। राजस्व कर्मचारी स्थानीय लोगों को सही जानकारी भी नहीं दे रहे हैं। यह भी प्रयास है कि गोमती नदी की जमीन पर बने बंगले को बचा दिया जाए। हालांकि, नायब तहसीलदार अमित त्रिपाठी का कहना है कि गोपरामऊ में नदी की जमीन की पैमाइश और चिंहाकन कराई गई है। जल्दी ही आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed