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आवारा कुत्तों का आतंक: हर रोज कोई न कोई बन रहा शिकार, नसबंदी अभियान के बाद भी बढ़ रही आबादी

Fri, 11 Jul 2025 01:55 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 11 Jul 2025 01:55 PM IST
सार

लखनऊ में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। छह वर्षों से जारी नसबंदी अभियान भी नाकाफी साबित हुआ है और कुत्तों की आबादी बढ़ती जा रही है।
 

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Even after 94 thousand sterilizations terror dogs not stopped population Lucknow more than 1.10 lakh
डालीगंज में सड़कों पर घूमते कुत्ते व काटने से घायल हुए एक लखनऊवासी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

आवारा कुत्तों ने शहर में आतंक मचा रखा है। आए दिन ये किसी न किसी को शिकार बना रहे हैं। खास तौर पर बच्चे इनका निशाना बन रहे हैं। खास बात यह है कि नसबंदी अभियान के बाद भी इनकी आबादी बढ़ रही है। वर्ष 2019 से अब तक करीब 94 हजार कुत्तों की नसंबदी की जा चुकी है।

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छह वर्ष पहले जब यह कार्यक्रम शुरू हुआ था तब इनकी आबादी करीब 70 हजार थी, जो इस समय करीब 1.10 लाख पहुंच चुकी है। इससे साफ है कि जितने कुत्तों की नसबंदी होती है, उससे ज्यादा पैदा हो रहे हैं।
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इनकी बढ़ती आबादी का एक कारण यह है कि आवारा कुत्ते पकड़ने पर कानूनी प्रतिबंध है। इनका सिर्फ बंध्याकरण किया जा सकता है। इसके लिए भी शहर में एक ही एबीसी सेंटर इंदिरानगर के जरहरा में है। यहां रोजाना करीब 50 कुत्तों की नसबंदी हो पाती है। ऐसे में कुत्तों की संख्या बढ़ रही है।

नए वर्ष में शुरू होगा नया सेंटर

डॉ. अभिनव का कहना है कि आवारा कुत्तों की आबादी पर रोक लगाने को नया एबीसी सेंटर अमौसी क्षेत्र में कान्हा उपवन के आगे बनाया जा रहा है। इसका 60 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अक्तूबर तक यह तैयार हो जाएगा और नए साल में टेंडर करके संचालन शुरू करा दिया जाएगा। यहां रोजाना 50 कुत्तों की नसबंदी हो सकेगी। साथ ही यहां एक साथ 300 कुत्तों को रखा जा सकेगा। नसबंदी के बाद एक कुत्ते को करीब आठ दिन रखना पड़ता है। इसके बाद उसे उसी इलाके में छोड़ा जाता है, जहां से लाया जाता है। कुत्तों की आबादी को लेकर नए सिरे से गणना भी कराई जाएगी। इसके लिए पशुपालन विभाग को पत्र भी भेजा गया है।

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...तो चार लाख पहुंच जाती संख्या :

नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा का कहना है कि नसबंदी अभियान न चलता तो इस समय आवारा कुत्तों की आवादी करीब चार लाख होती। एक मादा कुत्ता वर्ष में दो बार बच्चे देती है और एक बार में कम से कम छह से 10 तक बच्चे होते हैं। औसतन इनमें से आधे जीवित रहते हैं।

फैजुल्लागंज में कुत्तों ने दो को काटा

Even after 94 thousand sterilizations terror dogs not stopped population Lucknow more than 1.10 lakh

फैजुल्लागंज में आवारा कुत्तों ने बुधवार को बुजुर्ग महिला और बृहस्पतिवार को एक बच्चे को काट लिया। कुत्तों के बढ़ते आतंक से इलाके के लोगों में दहशत है। फैजुल्लागंज के गाजीपुर इलाके की करिश्मा ने बताया कि बुधवार शाम साढ़े पांच बजे रास्ते से गुजर रही बजुर्ग महिला पर एक कुत्ते ने हमला कर उनके पैर पर काट लिया। बृहस्पतिवार सुबह कुत्ते ने साइकिल से जा रहे बच्चे को दौड़ाकर काट लिया। करिश्मा ने बताया कि डेढ़ महीना पहले आठ वर्ष के आकाश को भी कुत्ते ने काट लिया था। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि कुत्ते के काटने की शिकायत नहीं आई है। फिर भी शुक्रवार को टीम भेजी जाएगी।

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