फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Entrepreneurs get immediate relief in cylinders, expensive raw materials increase problems

Lucknow News: उद्यमियों को सिलिंडर में फौरी राहत, महंगे कच्चे माल ने बढ़ाई मुसीबत

Tue, 17 Mar 2026 02:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2026 02:33 AM IST
विज्ञापन
Entrepreneurs get immediate relief in cylinders, expensive raw materials increase problems
गैस संकट।
लखनऊ। सरकार के आदेश के बाद व्यावसायिक सिलिंडर की किल्लत से जूझ रहे उद्यमियों को फौरी राहत मिली है, लेकिन कच्चे माल की बढ़ी कीमतों से प्लास्टिक, फार्मा, लैब उपकरण, केमिकल और फर्टिलाइजर उद्योगों में उत्पादन ठप हो गया है। उद्यमियों का कहना है कि वर्तमान में कच्चे माल की कीमतें उसी स्तर पर पहुंच गई हैं, जिस रेट पर वे तैयार उत्पाद बाजार में बेचते थे। इस संकट की सबसे ज्यादा मार प्लास्टिक दाना पर पड़ी है, जो 28 फरवरी के बाद से बाजार से लगभग गायब है।
विज्ञापन


फार्मा सेक्टर पर दोहरी मार

सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र निर्माता महासंघ के अध्यक्ष रितेश श्रीवास्तव ने बताया कि उनका फार्मा का काम है। 9 मार्च को बुक किया गया व्यावसायिक सिलिंडर 16 मार्च को मिल सका है। गैस की आपूर्ति तो शुरू हुई है, लेकिन अब कच्चे माल की बढ़ी कीमत से लागत बिक्री मूल्य के बराबर पहुंच चुकी है। इससे व्यापारी माल उठाने को तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन

उत्पादन ठप, छह कर्मचारियों की हुई छुट्टी
सरोजनीनगर में ही प्लास्टिक के आइटम व पैकिंग उत्पाद बनाने वाले उद्यमी प्रदीप सिन्हा बताते हैं कि 130 रुपये का प्लास्टिक दाना 185 रुपये में पहुंच गया है। वह भी आसानी से मिल नहीं पा रहा है। इससे फैक्टरी में उत्पादन ठप है। उत्पादन ठप होने से मजबूरी में 10 में से 6 कामगारों की छुट्टी करनी पड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पानी की पैकिंग भी हुई महंगी
बोतलबंद पानी की इंडस्ट्री से जुड़े कपिल कपूर ने बताया कि पेट्रोलियम जेली व अन्य उत्पाद से प्लास्टिक तैयार की जाती है। इसमें पारदर्शी बोतलें व ढक्कन शामिल हैं। प्लास्टिक उत्पादों का उत्पादन थमने से इनकी कीमतें बढ़ गई हैं। इसी वजह से एक कैरेट पानी बोतल के दाम 30 रुपये तक बढ़ गए हैं। 90 रुपये में आने वाली छोटी बोतलों के कैरेट 120 रुपये के हो गए हैं।

31 के बाद आएगी बड़ी मुसीबत
केमिकल व फर्टिलाइजर इंडस्ट्री से जुड़े रजत मेहरा बताते हैं कि क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 रुपये प्रति टन के हिसाब से कंटेनर का किराया बढ़ गया है। कई कार्गो शिप समुद्री मार्गों में फंसे हुए हैं। पोटाश, डीएपी, यूरिया बाहर से ही आती है। खाद के दाम सरकार रेगुलेट करती है, इसलिए अभी तक रेट नहीं बढ़े हैं। 31 मार्च तक तमाम कंपनियों के भी अनुबंध हैं। 31 के बाद इंडस्ट्री के लिए दिक्कत बढ़ेगी।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed