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जद में आए रेट तय करने वाले इंजीनियर, देना होगा जवाब
विष्णु मोहन/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2014 08:43 AM IST
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स्मारक घोटाले की जांच की तैयारी में जुटी विजिलेंस ने उन अभियंताओं को चिह्नित किया है। जिन्होंने पत्थरों के सिलसिले में दरों का निर्धारण किया।
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खास तौर पर उन अभियंताओं की सूची तैयार की गई है, जिन्होंने यूपी से सैंड स्टोन राजस्थान ले जाकर कटाई व तराशी आदि कराकर वापस यूपी लाकर लगाने के रेट तय किए।
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इनसे ठेकेदारों और राजनेताओं के गठजोड़ के बारे में भी सवाल पूछे जाएंगे। विजिलेंस इन सभी अभियंताओं से सिलसिलेवार पूछताछ करेगी। जांच से जुड़े अधिकारी इन्हें नोटिस भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
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वैसे विजिलेंस ने इस मामले की लखनऊ के गोमतीनगर थाने में पिछले दिनों जो रिपोर्ट दर्ज कराई थी, उसमें भी उन अभियंताओं का जिक्र किया गया है।
जिन्होंने नियमों की अनदेखी करते हुए दरों का निर्धारण किया और ठेकेदारों के हित में नियम बनाए। सूत्रों के अनुसार सैंड स्टोन के मिर्जापुर में उपलब्ध होने और इसे वहां से खरीदे जाने को लेकर 8 जुलाई 2007 की बैठक में फैसला किया गया था।
इसके कुछ ही दिनों बाद एक और बैठक की गई, जिसमें 22 अभियंता शामिल थे। इस बैठक में सैंड स्टोन को एज कटिंग, मोल्डिंग व कार्विंग के लिए मिर्जापुर से राजस्थान ले जाने और वहां से वापस लाकर लखनऊ और नोएडा में लगाए जाने के रेट तय किए गए।
पहली बैठक में राजकीय निर्माण निगम के तत्कालीन अपर परियोजना प्रबंधक, लखनऊ राकेश चंद्र, आरपी सिंह अपर परियोजना प्रबंधक वाराणसी, प्रेम शंकर इकाई प्रभारी मिर्जापुर, स्थानिक अभियंता, लखनऊ एससी राय, उप निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म जय प्रकाश, बजरंगी सहायक भू-वैज्ञानिक, खनिज विभाग ललितपुर, खनन अधिकारी मिर्जापुर एसके सिंह शामिल थे।
वहीं, दूसरी बैठक में राजकीय निर्माण निगम के सहायक अभियंता राजीव गर्ग, अपर परियोजना प्रबंधक राकेश चंद्र और एके सक्सेना, इकाई प्रभारी केआर सिंह, परियोजना प्रबंधक एके गौतम, अपर परियोजना प्रबंधक बीडी त्रिपाठी।
इसके अलावा एसपी गुप्ता व राजेश चौधरी, इकाई प्रभारी पीके शर्मा, एसपी सिंह, एचएस तरकर, हीरालाल, एसके शुक्ला, वित्तीय परामर्शदाता वीके मुद्गल, महाप्रबंधक तकनीकी एसके त्यागी, कृष्ण कुमार महाप्रबंधक तकनीकी, एस. कुमार महाप्रबंधक मध्य अंचल।
समेत त्रिलोनी नाथ मुख्य अभियंता लखनऊ विकास प्राधिकरण, अधिशासी अभियंता विमल सोनकर, महेंद्र सिंह गुरुदत्ता, आरके शुक्ला और अधीक्षण अभियंता एसबी मिश्रा शामिल थे। इन सभी से जल्द ही पूछताछ का सिलसिला शुरू होना है।