{"_id":"5b03e3494f1c1b1b5e8b64cc","slug":"engineers-of-rajkiya-nirman-nigam-are-taking-contract","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुद ही ठेकेदारी कर अभियंता लगा रहे राजकीय निर्माण निगम को चूना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुद ही ठेकेदारी कर अभियंता लगा रहे राजकीय निर्माण निगम को चूना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 22 May 2018 03:00 PM IST
विज्ञापन
राजकीय निर्माण निगम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय निर्माण निगम में तैनात कई अभियंता ही निर्माण कार्यों के ठेके ले रहे हैं। इतना ही नहीं वे बड़े पैमाने पर ई-प्रोक्योरमेंट के बजाय मैनुअल खरीद भी कर रहे हैं।
विज्ञापन
इससे जहां काम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, वहीं निर्माण सामग्री भी महंगी दरों पर ली जा रही है। इन मामलों की जानकारी मिलने पर शासन ने गोपनीय पड़ताल कराने का फैसला किया है।
विज्ञापन
प्रदेश भर में राजकीय निर्माण निगम की 110 यूनिटें हैं। इनमें से 88 सिविल और 22 इलेक्ट्रिकल यूनिटें हैं। मौजूदा समय में निगम करीब 5 हजार करोड़ रुपये लागत की विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहा है।
विज्ञापन
नियमानुसार, सामग्री की खरीद ई-प्रोक्योरमेंट यानी ई-टेंडरिंग के जरिये ही हो सकती है। उच्चस्तर पर शिकायत की गई है कि तमाम यूनिटों में मैनुअली सामग्री की खरीद की जा रही है, जोकि नियमों का उल्लंघन है।
इसके पीछे करोड़ों रुपये के कमीशन का खेल चल रहा है। काम देने वाली संस्थाओं, एजेंसियों व विभागों और राजकीय निर्माण निगम के इंजीनियरों के बीच सेटिंग का ही नतीजा है कि पेमेंट सीधे यूनिटों को किया जा रहा है। जबकि यह भुगतान मुख्यालय के माध्यम से होना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, दो दर्जन से ज्यादा यूनिटों में अभियंताओं ने ही किसी दूसरे के नाम से कंस्ट्रक्शन फर्म पंजीकृत करा रखी हैं। वे इन्हीं फर्म के जरिये निर्माण कार्य करवा रहे हैं। शासन ने इन फर्मों के बारे में जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।
इसमें निर्माण कार्य कराने वाले दूसरे विभागों व निगम के अधिकारियों की मदद भी ली जा रही है। जो अधिकारी ठेकेदारी में लिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। उनकी उम्र 50 साल से ज्यादा होने पर बाध्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी।