घूस लेते धरा गया इंजीनियर, मचाया उत्पात
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के लेसा में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) को बृहस्पतिवार को दो हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया।
वहीं, जेई की गिरफ्तारी के विरोध में उसके साथियों ने कामकाज ठप कर हसनगंज कोतवाली घेर ली। पुलिस ने लाठी फटकार कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा और आरोपी जेई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
हसनगंज थानाध्यक्ष दिनेश सिंह के मुताबिक डालीगंज के नजीरगंज निवासी पूड़ी दुकानदार राजकुमार गुप्ता की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने जेई हरिओम यादव को घूस लेते पकड़ने का जाल बिछाया।
दोपहर 3:30 बजे उपकेंद्र के ऊपर स्थित कक्ष में राजकुमार गुप्ता ने घूस के दो हजार रुपये दिए तो टीम ने दबोच लिया।
खुद के कपड़े फाड़ डाले
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हरिओम ने घूस लेते पकड़े जाने पर उसने अपने कपड़े फाड़ डाले और टीम के साथ जाने से इन्कार कर दिया। इससे उपकेंद्र पर अफरा-तफरी मच गई और अन्य कर्मचारी भाग गए।
भ्रष्टाचार निवारण टीम जब हरिओम को गाड़ी में बैठाने के लिए ले जाने लगी तो हरिओम दुकानदारों से मदद की गुहार लगाने लगा। टीम हरिओम को जीप में बैठाकर लखनऊ विश्वविद्यालय, हनुमान सेतु एवं वाया आईटी कॉलेज होते हुए हसनगंज कोतवाली पहुंची। छापे के दौरान टीम ने उपकेंद्र ऑपरेटर अंसारी सहित दो अन्य कर्मियों को भी हिरासत में लिया था, जिनको बाद में छोड़ दिया गया।
इसके बाद राजकुमार गुप्ता के बयान दर्ज करने का सिलसिला शुरू हुआ। थानाध्यक्ष ने बताया कि टीम के इंसपेक्टर चंद्र मोहन श्रीवास्तव ने हरिओम के खिलाफ घूसखोरी सहित अन्य आरोपों का मुकदमा पंजीकृत कराया। टीम में इंसपेक्टर बुद्ध सिंह चौहान एवं टीपी वर्मा सहित सिपाही शामिल थे।
साथी इंजीनियरों का तीन घंटे प्रदर्शन
लेसा में हरिओम को घूस लेते पकड़े जाने की खबर आग की तरफ फैली तो उसके 40-50 साथी सहित जेई संगठन के पदाधिकारी कोतवाली आ धमके।
साथी जेई हरिओम को रिहा कराने के लिए डटे तो उपकेंद्र पर नए कनेक्शन सहित अन्य काम की दलाली करने वाले कई लोग समर्थकों सहित उनके साथ प्रदर्शन में शामिल हो गए।
इन लोगों ने तीन घंटे तक प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने हरिओम को छोड़ने से इन्कार कर दिया। प्रदर्शनकारी जूनियर इंजीनियरों ने सड़क जाम की चेतावनी दी तो पुलिस ने लाठी लेकर दौड़ाया। इसके बाद जेई संगठन के पदाधिकारियों को छोड़कर अन्य सभी भाग गए।
इस तरह हत्थे चढ़ा
राजकुमार वर्ष 2012 से हरिओम के पास दुकान में कनेक्शन कराने के लिए दौड़ रहा था। हरिओम ने उसके कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू नहीं कराई। पिछले महीने जुलाई में आयोजित शिविर में राजकुमार ने कनेक्शन का आवेदन किया। हरिओम ने राजकुमार से 6000 रुपये की घूस मांगी।
राजकुमार ने घूस के 4000 रुपये दे दिए तो कनेक्शन की फीस जमा हुई और सर्विस केबल खिंचवाकर बिजली चालू करा दी, लेकिन 2000 रुपये घूस के न दिए जाने पर राजकुमार को न तो रसीद दी और न मीटर लगाया।
राजकुमार ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की। टीम के कहने पर राजकुमार ने बृहस्पतिवार को हरिओम को घूस देने के लिए संपर्क किया तो पहले उसने अहिबरनपुर फिर कपूरथला उपकेंद्र पर बुलाया।
हरिओम ने इन उपकेंद्रों पर घूस नहीं ली। तीसरी बार डालीगंज इक्का स्टैंड पर जैसे ही घूस ली तो भ्रष्टाचार निवारण संगठन टीम ने उसे दबोच लिया।