108 एंबुलेंस के कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन, अधिकारियों पर खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप
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प्रदेश में 108, 102 और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के कर्मचारियों के वेतन के भुगतान का संकट खत्म नहीं हो पा रहा है। लगभग 19 हजार कर्मचारियों को अभी तक जून का वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि 24 घंटे में बकाया वेतन नहीं मिला तो प्रदेश भर में कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
कर्मचारियों का आरोप है कि संचालक कंपनी जीवीके ईएमआरआई के चार अधिकारी हर महीने बिल में हेराफेरी करके सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे सरकार से बिल पास होने में दिक्कत होती है और कर्मचारियों को वेतन भुगतान में देरी होती है।
वेतन न मिलने से कर्मचारी शारीरिक व मानसिक रूप से टूट जाते हैं, इसके चलते पांच-छह एंबुलेंस पायलट दुर्घटनाग्रस्त होकर जान भी गंवा चुके हैं। कर्मचारियों ने बताया कि 10 जुलाई को अपर जिला आयुक्त की मध्यस्थता में वेतन भुगतान पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद अभी तक जून का वेतन नहीं मिला।
एंबुलेंस कर्मचारियों ने 13 जुलाई को मुख्यमंत्री, एमडी एनएचएम व कंपनी के अधिकारियों को पत्र लिखकर बकाया वेतन देने की मांग की थी, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी 5480 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 12 घंटे काम कराकर खुलेआम श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रही है।
डेढ़ घंटे से अधिक ठप रही एंबुलेंस सेवा
बकाया वेतन की मांग को लेकर कर्मचारियों ने मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे सेवाएं ठप कर दीं। वे एंबुलेंस के साथ आशियाना स्थित जीवीके ईएमआरआई के मुख्यालय पहुंच गए। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों की कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से बात हुई। इस दौरान फिर से एंबुलेंस सेवा के संचालन को लेकर सहमति बन गई।
इसके बावजूद शाम लगभग डेढ़ घंटे तक राजधानी में एंबुलेंस सेवा बाधित रही। उधर, कंपनी का कहना है कि कर्मचारियों ने पिछली हड़ताल के समय केस क्लोजिंग नहीं की थी। इसके चलते सरकार से बिल पास नहीं होने के कारण जून का वेतन देने में दिक्कत आ रही है।