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Lucknow News: जाली दस्तावेज लगाकर हासिल किया बिजली विभाग का टेंडर
Mon, 02 Dec 2024 05:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 02 Dec 2024 05:39 PM IST
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लखनऊ। जाली दस्तावेज लगाकर फर्म संचालक ने बिजली विभाग में टेंडर हासिल कर लिया। यह आरोप लगाते हुए अधिशासी अभियंता ने वजीरगंज थाने में केस दर्ज कराया है।
अमौसी स्थित मध्यांचल विद्युत वितरण में रमेश कुमार अधिशासी अभियंता विद्युत नगरीय निर्माण खंड-द्वितीय के पद पर तैनात हैं। उनके मुताबिक कार्यालय अधीक्षण अभियंता, विद्युत नगरीय निर्माण मंडल पंचम ने दो बिजली उपकेंद्रों सहित अन्य निर्माण के लिए ई टेंडर निकाला था। 27 सितंबर को मेसर्स बीएन इंटरप्राइजेज फर्म के मालिक आलमबाग के कनौसी निवासी वीरेंद्र सिंह ने भी टेंडर भरा था। वीरेंद्र ने पोर्टल पर पहले पश्चिम रेलवे रतलाम से मिले 1.73 करोड़ के टेंडर का कार्यानुभव का अनुबंध और प्रमाणपत्र अपलोड किया था। इस आधार पर फर्म संचालक को बिजली विभाग से टेंडर मिल गया।
22 अक्तूबर को जब अधीक्षण अभियंता ने वीरेंद्र के दस्तावेजों की जांच कराई तो पता चला कि आरोपी को रेलवे से कभी कोई टेंडर नहीं मिला है। अधिशासी अभियंता 24 अक्तूबर को फर्म संचालक के दस्तावेज लेकर पश्चिम रेलवे, रतलाम, मध्य प्रदेश पहुंचे। वहां अधिकारियों ने 1.73 करोड़ के टेंडर के कागज और प्रमाण पत्र फर्जी होने की बात कही। इंस्पेक्टर वजीरगंज दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।
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अमौसी स्थित मध्यांचल विद्युत वितरण में रमेश कुमार अधिशासी अभियंता विद्युत नगरीय निर्माण खंड-द्वितीय के पद पर तैनात हैं। उनके मुताबिक कार्यालय अधीक्षण अभियंता, विद्युत नगरीय निर्माण मंडल पंचम ने दो बिजली उपकेंद्रों सहित अन्य निर्माण के लिए ई टेंडर निकाला था। 27 सितंबर को मेसर्स बीएन इंटरप्राइजेज फर्म के मालिक आलमबाग के कनौसी निवासी वीरेंद्र सिंह ने भी टेंडर भरा था। वीरेंद्र ने पोर्टल पर पहले पश्चिम रेलवे रतलाम से मिले 1.73 करोड़ के टेंडर का कार्यानुभव का अनुबंध और प्रमाणपत्र अपलोड किया था। इस आधार पर फर्म संचालक को बिजली विभाग से टेंडर मिल गया।
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22 अक्तूबर को जब अधीक्षण अभियंता ने वीरेंद्र के दस्तावेजों की जांच कराई तो पता चला कि आरोपी को रेलवे से कभी कोई टेंडर नहीं मिला है। अधिशासी अभियंता 24 अक्तूबर को फर्म संचालक के दस्तावेज लेकर पश्चिम रेलवे, रतलाम, मध्य प्रदेश पहुंचे। वहां अधिकारियों ने 1.73 करोड़ के टेंडर के कागज और प्रमाण पत्र फर्जी होने की बात कही। इंस्पेक्टर वजीरगंज दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।
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