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UP News: 72 जिलों के डीएम-एसडीएम के तबादले पर रोक, चुनाव आयोग का आदेश... बिना अनुमति नहीं होंगे ट्रांसफर

Tue, 07 Oct 2025 07:58 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अजित बिसारिया, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अजित बिसारिया, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 07 Oct 2025 07:58 AM IST
सार

यूपी के 72 जिलों के डीएम-एसडीएम के तबादले पर 30 दिसंबर तक रोक लगा दी गई है। विधान परिषद सीटों की मतदाता सूची तैयार करने के मद्देनजर चुनाव आयोग ने यह आदेश दिया है। कहा कि आयोग की अनुमति के बिना अभियान में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले नहीं हो सकेंगे। 

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Election Commission has ordered stay on transfer of DMs and SDMs in 72 districts in up
तबादले पर रोक - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

उत्तर प्रदेश में 30 दिसंबर तक 72 जिलों के डीएम व एसडीएम के तबादले चुनाव आयोग की बिना पूर्व अनुमति के नहीं हो सकेंगे। आयोग ने विधान परिषद की 11 सीटों की मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण अभियान के मद्देनजर सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के स्थानांतरण पर रोक लगा दी है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के रूप में मेरठ, आगरा, वाराणसी, लखनऊ, झांसी, बरेली और गोरखपुर के मंडलायुक्त भी इस दायरे में आएंगे।

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उत्तर प्रदेश विधान परिषद के खंड स्नातक के 5 निर्वाचन क्षेत्रों लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ व इलाहाबाद-झांसी और खंड शिक्षक के 6 निर्वाचन क्षेत्रों लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद की मतदाता सूचियों को नए सिरे से तैयार करने का काम 30 सितंबर से प्रारंभ हो चुका है। मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 30 दिसंबर को होगा। यह प्रक्रिया प्रदेश में कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव छोड़कर अन्य सभी जिलों में चल रही है।

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बूथ लेबल अधिकारियों का सहयोग लिया जाएगा

चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों की तैयारी के काम में भूमिका निभाने वाले निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, पदाभिहीत अधिकारी एवं अतिरिक्त पदाभिहीत अधिकारी आदि को भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति के बिना अंतिम प्रकाशन यानी 30 दिसंबर तक स्थानांतरित करने पर रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं अगर इस काम में जरूरत के हिसाब से बूथ लेबल अधिकारियों का सहयोग लिया जाएगा, तो यह रोक उनके मामले में भी लागू होगी।

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यहां बता दें कि इन 11 निर्वाचन क्षेत्रों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के रूप में मेरठ, आगरा, वाराणसी, लखनऊ, झांसी, बरेली और गोरखपुर के मंडलायुक्त काम कर रहे हैं। इन मंडलों के अपर आयुक्त (प्रशासन) भी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बनाए गए हैं। खंड स्नातक एवं खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में शामिल जिलों के डीएम भी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के रूप में अधिसूचित हैं। 

बिना आयोग की अनुमति के  तबादलों पर रोक

इसके अलावा इन निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एसडीएम, एसीएम, बीडीओ, ईओ व तहसीलदार) भी इस अभियान में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के रूप में तैनात किए गए हैं। इसलिए इन सभी अधिकारियों के तबादलों पर बिना आयोग की अनुमति के रोक रहेगी।

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