CAA: भारत बंद का यूपी में मिलाजुला असर, मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में बंद रहीं दुकानें
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नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ बुधवार को भारत बंद का असर हल्का-फुल्का ही रहा। खासकर लखनऊ में तो बंद का असर बिल्कुल भी नहीं देखने को मिला जबकि कई जिलों में प्रमुख बाजार की कुछ दुकानें बंद रहीं तो कहीं खुली रहीं।
अयोध्या जिले में बहुजन मुक्ति मोर्चा ने भारत बंद का आह्वान किया था। जिसके कारण जिले में बुधवार को मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में बंद का असर दिखा और दुकानें बंद रहीं। शहर के रुदौली व भदरसा क्षेत्रों में बंद का असर दिखा।
इसी तरह बलरामपुर के झारखंडी रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोकने का प्रयास किया। मुस्लिम समाज की दुकानें व सब्जी मंडी भी बंद रही।
कानपुर का क्या है हाल
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में विभिन्न संगठनों ने यूपी के फर्रुखाबाद, हमीरपुर, कन्नौज, औरैया आदि शहरों में भारत बंद का एलान किया है। जगह-जगह जुलूस निकाले जा रहे हैं। दुकानें बंद कर दी गई हैं। विरोध प्रदर्शन में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस भी पूरी तरह से अलर्ट है।
फर्रुखाबाद में कमालगंज कस्बे के मुख्य मार्ग पर मुस्लिम समुदाय की दुकानों पर मंगलवार रात सीएए, एनआरसी व ईवीएम के विरोध में भारत बंद के बहुजन क्रांति मोर्चा संयोजन समिति द्वारा पोस्टर लगाए गए। बुधवार सुबह मुस्लिम समाज के लोगों ने दुकानें नहीं खोलीं। मामले की जानकारी पुलिस को होने के बाद पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है।
वहीं हमीरपुर जिले में नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में वामदलों के आहवान पर बहुजन क्रांति मोर्चा ने नगर में जुलूस निकाला। बजरिया से शुरू जुलूस बड़ा मंदिर, कोट बाजार, रानी गेट होते हुए ब्रह्मनंद डिग्री कॉलेज ग्राउंड पहुंचा। जहां सीएए व एनआरसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई।
गोरखपुर में खास नहीं है असर
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में विभिन्न संगठनों ने गोरखपुर में बुधवार को भारत बंद का एलान किया है। इसी कड़ी में गोरखपुर में भी बंद रखने का आह्वान किया गया। बंद के समर्थन में मंगलवार रात शहर की कोतवाली तिवारीपुर और राजघाट के मिश्रित आबादी वाले इलाके में पर्चे बांटे गए। खबर लगते ही पुलिस अधिकारियों ने फोर्स के साथ शहर में गश्त शुरू कर दी। रेती मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक की दुकानें खुली रहीं।
आगराः मुस्लिम समुदाय ने बाजार बंद रखकर किया सीएए का विरोध, जुलूस निकालने की कोशिश नाकाम
कासगंज में नागरिकता संशोधन कानून सीएए के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बाजार बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया। शहर में जुलूस निकालने की कोशिश की गई जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया।
पुलिस ने जुलूस निकालने वालों से बैनर भी कब्जे में ले लिए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिसफोर्स तैनात है। सर्कुलर रोड पर पुलिस चौकन्नी है। कासगंज में सर्कुलर रोड पर पुलिस चौकन्नी है। वहीं कासगंज के पड़ोसी कस्बा गंजडुंडवारा में भी बुधवार को बाजार बंद रहे। हालांकि कहीं भी अशांति नहीं रही है।
बुधवार को भारत बंद का भी आह्वान था। इस लिहाज से कासगंज में पुलिस अलर्ट थी। वहीं कासगंज में इन दिनों धारा 144 लागू है। पुलिस ने सख्त हिदायत दी है कि किसी भी प्रकार का प्रदर्शन लेने से पहले इजाजत लेनी होगी। लेकिन विरोध करने वाले स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर आए और जुलूस निकालने लगे।
कासगंज में दो साल पहले 26 जनवरी को निकाली गई तिरंगा यात्र में जबरदस्त हिंसा हुई थी। जिसमें एक युवक की मौत हुई थी। पुलिस प्रशासन इसके बाद से लगातार सख्ती दिखा रहा है। इस बार 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा की अनुमति नहीं दी गई थी। वहीं नागरिकता कानून का विरोध करने वालों लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने वीडियोग्राफी भी करवाई।
मेरठः पश्चिमी यूपी में बंद का असर, कई जगह बाजार व दुकानें बंद
सीएए, एनआरसी और ईवीएम के विरोध में बहुजन क्रांति मोर्चा की ओर से तथाकथित बंद को लेकर मेरठ में मिलाजुला असर रहा। शहर के हापुड़ अड्डा स्थित भगत सिंह मार्केट में बंद के आह्वान पर एक वर्ग ने दुकानें बंद कर रखी हैं। शहर के अन्य स्थानों पर बंद बेअसर नजर आ रहा है।
शामली जनपद में एनआरसी का विरोध थानाभवन कस्बे में मुस्लिम समाज के लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखी। कांधला कस्बे में सीएए के विरोध में पोस्टर लगाए गए।
बागपत के बड़ौत में सीएए का विरोध। फूस वाली मस्जिद के पास बंद कराया बाजार। पुलिस ने इस दौरान तीन युवकों को हिरासत में लिया है। वहीं बाजार में दुकानों के बाहर बैनर लगाए गए। क्षेत्र में पुलिस लगातार गश्त कर रही है। इस क्षेत्र में ज्यादातर दुकानें बंद हैं।
सहारनपुर में विभिन्न स्थानों पर भारत बंद के पोस्टर लगाए गए हैं। खास तौर पर मुस्लिम और मिश्रित आबादी वाले बाजारों में अधिक असर दिखाई पड़ा। सीएए, एनआरसी और ईवीएम के विरोध में बहुजन क्रांति मोर्चा की ओर से तथाकथित बंद पर एसएसपी अजय साहनी ने कहा है कि मेरठ में कोई बंद नहीं है। जबरन बंद कराने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।