फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   ED started investigation in 1.31 crore rupees scam.

UP: हरदोई में 1.31 करोड़ के बिजली घोटाले की जांच शुरू, ईडी ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का केस

Thu, 25 Apr 2024 01:10 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 25 Apr 2024 01:10 AM IST
सार

प्रवर्तन निदेशालय ने विजिलेंस की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। मामले में दो जेई, तीन एसडीओ और रिलांयस एनर्जी का मैनेजर जांच के दायरे में है।

विज्ञापन
ED started investigation in 1.31 crore rupees scam.
- फोटो : ANI

विस्तार

हरदोई में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत 85 गांवों में विद्युतीकरण के कार्य में करीब 1.31 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच ईडी ने शुरू कर दी है। विजिलेंस ने जनवरी, 2023 में मुकदमा दर्ज किया था। इसमें उप्र पावर कॉर्पोरेशन के दो अवर अभियंता, तीन एसडीओ और रिलायंस एनर्जी के प्रोजेक्ट मैनेजर को नामजद किया गया था। इसके आधार पर ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है।

विज्ञापन


गौरतलब है कि वर्ष 2004-05 में हुए इस घोटाले में तत्कालीन अवर अभियंता बैजनाथ सिंह, नरेश सिंह, एसडीओ देवेंद्र प्रसाद जोशी, अमजद अली, प्रमोद आनंद और नोएडा की रिलायंस एनर्जी लि. के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर अशोक कुमार के खिलाफ विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया था।
विज्ञापन


शासन के निर्देश पर विजिलेंस ने पहले इस मामले की खुली जांच की। इसमें पता चला था कि टेंडर के जरिये 85 गांवों के विद्युतीकरण का कार्य रिलायंस एनर्जी लि. को दिया गया था। कंपनी ने काम पूरा करके उसे बिजली विभाग के अधिकारियों को हैंडओवर कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारियों ने कार्य का सत्यापन भी कर दिया था। हालांकि जांच में गांवों में लगाए गए 8.5 मीटर के 466 और 9 मीटर के 35 पीसीसी पोल कम पाए। इसी तरह एलटी लाइन के 227 पीसीसी पोल कम मिले। वहीं, तमाम अन्य उपकरण भी कम पाए गए थे। इससे पावर कॉर्पोरेशन को 1.31 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।


बड़े अधिकारियों की भूमिका की भी होगी जांच
सूत्रों की मानें तो इस मामले में पावर कॉर्पोरेशन के बड़े अफसरों की भूमिका की भी जांच होगी। अधिकारियों का मानना है कि बिना बड़े अफसरों की मिलीभगत के इतना बड़ा घोटाला अंजाम देना संभव नहीं था। फिलहाल ईडी विजिलेंस की एफआईआर में आरोपी बनाए गए अधिकारियों और कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को नोटिस देकर तलब करने जा रहा है। ईडी इन सभी की संपत्तियों की जांच भी करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed