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फ्रॉड कर 56 करोड़ लोन लेने के मामले में तीन कारोबारियों के यहां ईडी के छापे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 21 Mar 2018 10:39 AM IST
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- फोटो : demo
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बैंकों से फ्रॉड करने के मामलों की जांच की कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कानपुर के तीन कारोबारियों की फैक्ट्री समेत घरों व अन्य प्रतिष्ठानों पर छापे मारे। जिन तीन लोगों के यहां ईडी ने छापे मारे है, उनमें कारोबारी इरशाद आलम व उनके भाई के अलावा राजनीति से जुड़े मेहताब आलम भी शामिल हैं।
ईडी ने यह कार्रवाई कारोबारियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर पर की है। इन पर फ्रॉड कर विभिन्न बैंकों से 56 करोड़ रुपये का लोन लेने के मामले दर्ज हैं। छापे में कई संपत्तियों के कागजात हाथ लगे। ये संपत्तियां इरशाद और उनके परिवारीजनों के नाम हैं।
सीबीआई की लखनऊ ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने भी मेसर्स हमीद लेदर फिनिसर्श और मेसर्स हमीद संस एक्सपोर्ट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। केस के मुताबिक इन दोनों फर्मों के नाम पर इलाहाबाद बैंक से 31.60 करोड़, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से 13.66 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा से 8.20 करोड़ और बैंक ऑफ इंडिया से 4.02 करोड़ रुपये का लोन लिया गया था। यानि चारों बैंकों से कुल 56 करोड़ रुपये का लोन लिया गया।
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ईडी ने यह कार्रवाई कारोबारियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर पर की है। इन पर फ्रॉड कर विभिन्न बैंकों से 56 करोड़ रुपये का लोन लेने के मामले दर्ज हैं। छापे में कई संपत्तियों के कागजात हाथ लगे। ये संपत्तियां इरशाद और उनके परिवारीजनों के नाम हैं।
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सीबीआई की लखनऊ ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने भी मेसर्स हमीद लेदर फिनिसर्श और मेसर्स हमीद संस एक्सपोर्ट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। केस के मुताबिक इन दोनों फर्मों के नाम पर इलाहाबाद बैंक से 31.60 करोड़, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से 13.66 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा से 8.20 करोड़ और बैंक ऑफ इंडिया से 4.02 करोड़ रुपये का लोन लिया गया था। यानि चारों बैंकों से कुल 56 करोड़ रुपये का लोन लिया गया।
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जिस काम के लिए लोन, उसमें लगाया ही नहीं
जांच में पता चला कि लोन के लिए जो अकाउंट दिया गया था, वह नॉन फरफॉरमिंग एसेट (एनपीए) घोषित हो चुका है। यह तथ्य भी सामने आया कि लोन लेने के लिए इन कारोबारियों द्वारा जो कागजात बैकों में जमा किए गए थे, वे भी फर्जी थे। इसके अलावा, जिस काम के लिए लोन लिया गया था, उस पर खर्च करने के बजाय धनराशि को दूसरे मदों में खर्च कर दिया गया।
ईडी की छानबीन में पता चला है कि इरशाद ने फर्म के नाम पर लिए गए लोन की राशि मुंबई स्थित एक फिल्म निर्माण से जुड़ी कंपनी को डायवर्ट कर दी है। जबकि, लोन एक्सपोर्ट बिजनेस में उपयोग के नाम पर लिया गया था।
ईडी की छानबीन में पता चला है कि इरशाद ने फर्म के नाम पर लिए गए लोन की राशि मुंबई स्थित एक फिल्म निर्माण से जुड़ी कंपनी को डायवर्ट कर दी है। जबकि, लोन एक्सपोर्ट बिजनेस में उपयोग के नाम पर लिया गया था।