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NRHH: 58 बैंक खाते वाले की तलाश हुई तेज
विष्णु मोहन/ अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 22 Apr 2014 07:53 AM IST
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एनआरएचएम घोटाले में सरकारी बजट के कई हजार करोड़ रुपयों की हेरा-फेरी के आरोपी पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की चल-अचल संपत्ति की तलाश में जुटी ईडी को अब पूर्व मंत्री के करीबी गया प्रसाद नाम के व्यक्ति की तलाश है।
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ईडी पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के नजदीकी रिश्तेदार व उनकी फर्म ब्लूम रियल्टर्स के संचालक गया प्रसाद को ईडी तब से तलाश रही है।
जब पिछले दिनों ईडी ने ब्लूम रियल्टर्स के गोमतीनगर स्थित कार्यालय पर छापा मार कर नोटिस चस्पा किया था। ईडी ने अब गया प्रसाद की तलाश और तेज कर दी है।
इसकी वजह यह है कि ईडी की पड़ताल में पिछले दिनों पूर्व मंत्री द्वारा लखनऊ के चारबाग इलाके में की गई एक डील सामने आई थी।
इस डील में पूर्व मंत्री ने ब्लूम रियल्टर्स के नाम से चारबाग के एपी सेन मार्ग पर स्थित दो प्लाटों की खरीद कराई थी।
ब्लूम रियल्टर्स की ओर से गया प्रसाद ने बाबू सिंह कुशवाहा के एक अन्य करीबी योगेश अग्रवाल के जरिए यह जमीन खरीदी थी।
गया प्रसाद की चारबाग डील में दस्तावेजी संलिप्तता के साक्ष्य मिलने के बाद से ईडी ने उसकी तलाश तेज की है।
ईडी के अधिकारियों का कहना है कि पिछले दिनों जब ब्लूम रियल्टर्स के कार्यालय पर छापा मारा था, तब भी गया प्रसाद वहां से गायब हो गया था।
ईडी ने इसके बाद भवन को सीज कर उसके मुख्य द्वार पर 188 पेज का नोटिस लगा दिया था। इसके बाद से ही ईडी गया प्रसाद को नोटिस देने के लिए तलाश रही थी जिसे अब तेज किया गया है।
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गौरतलब है कि ईडी की जानकारी में गया प्रसाद के लगभग 58 से अधिक बैंक खाते सामने आए थे।
इनके बारे में ईडी को अंदेशा है इतने अधिक बैंक खाते उसने बाबू सिंह कुशवाहा की ऊपरी रकम को मनी लांड्रिंग के जरिए खपाया जा रहा है।
ईडी इन खातों का अध्ययन कर रही है। ईडी को अंदेशा है कि जिन एनजीओ के जरिए पूर्व मंत्री द्वारा कई सौ करोड़ की रकम की मनी लांड्रिंग कराने की बात सामने आ रही है।
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उनमें से कुछ में गया प्रसाद के खातों से भी लेन-देन की गई हो सकती है।
ईडी द्वारा पूर्व में की गई कार्रवाई के बाद भी गया प्रसाद अभी तक ईडी के समक्ष हाजिर नहीं हुआ है।
ईडी के अफसरों का मानना है कि गया प्रसाद से पूछताछ में पूर्व मंत्री की ऊपरी रकम के निवेश के बारे में कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं।