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UP: ढाई साल बाद भी अंसल ग्रुप के खिलाफ सुबूत नहीं तलाश सका ईडी, खत्म हो रही निवेशकों की उम्मीद
Mon, 20 Jan 2025 10:32 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 20 Jan 2025 10:32 PM IST
सार
100 से ज्यादा मुकदमों की जानकारी जुटाने के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ सकी है। निवेशकों की ओर से दर्ज कराए गए 100 से ज्यादा मुकदमों की जानकारी जुटाने के बाद अचानक जांच ठप हो गई है।
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- फोटो : ANI
विस्तार
अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ ढाई साल से चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के बाद भी निवेशकों को कोई राहत नहीं मिली है। देश भर में अंसल ग्रुप के खिलाफ निवेशकों की ओर से दर्ज कराए गए 100 से ज्यादा मुकदमों की जानकारी जुटाने के बाद अचानक जांच ठप हो गई है। इससे निवेशकों को अपनी गाढ़ी कमाई वापस पाने की उम्मीद खत्म होती दिख रही है।
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ईडी ने वर्ष 2022 में अंसल प्रॉपर्टीज के खिलाफ जांच शुरू करते हुए लखनऊ समेत 13 जिलों से कंपनी के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जानकारी मांगी थी। संबंधित जिलों के पुलिस कप्तानों ने 5 दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज होने का विवरण ईडी को भेजा था। इसके बाद अंसल के तत्कालीन निदेशक अरुण मिश्रा से ईडी ने पूछताछ भी की थी। बाद में भी कंपनी के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने का सिलसिला जारी रहा, पर ईडी की जांच की रफ्तार नहीं बढ़ी।
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अंसल ग्रुप के खिलाफ यूपी, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के निवेशकों ने मुकदमे दर्ज कराए हैं। जांच में सामने आया था कि कंपनी के संचालकों ने कई सरकारी अधिकारियों की काली कमाई को अपनी योजनाओं में जमीन और फ्लैट में खपाया था। यह भी सामने आया था कि कंपनी ने बिना किसानों से भूमि खरीदे उसे निवेशकों को प्लॉट बेच दिए थे।
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सीबीआई ने भी की थी जांच
अंसल ग्रुप की योजनाओं में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की शिकायतों के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच की थी। सीबीआई ने हाईकोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में आरोप सही होने की पुष्टि की थी। इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसमें अदालत सीबीआई को जांच आगे बढ़ाने का आदेश दे सकती है।