ईको टूरिज्म को विकसित होगी सुहेलवा बर्ड सेंक्चुरी

टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Sun, 24 Nov 2013 09:53 AM IST
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सूबे में ईको टूरिज्म की संभावनाएं विकसित करने के लिए सुहेलवा बर्ड सेंक्चुरी में एक अध्ययन शुरू किया गया है।
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अध्ययन पक्षी विज्ञानी सलीम अली से जुड़ी संस्था बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (बीएनएचएस) कर रही है। इसी के आधार पर बीएनएचएस वन निगम के साथ मिलकर वहां ईको टूरिज्म की संभावना का खाका तैयार करेगी।

पक्षी विशेषज्ञ व प्रोजेक्ट के निदेशक डॉ. एस रहमानी ने शनिवार को एक सप्ताह के अध्ययन में मिले तथ्यों को वन निगम व वन विभाग के अधिकारियों के साथ साझा किया।
एक साल के इस प्रोजेक्ट पर डॉ. रहमानी के निर्देशन में बीएनएचएस सुहेलवा में पक्षियों की प्रजाति, उनकी मौजूदा परिस्थिति, गणना के साथ स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित करने पर भी काम करेगी।

25 साल पहले नेपाल सीमा से सटे बलरामपुर-श्रावस्ती जिलों में विकसित किए गए इस सेंक्चुरी पर पहली बार अध्ययन शुरू किया गया है।

शनिवार को लखनऊ स्थित वन निगम के कार्यालय में डॉ. रहमानी के सहयोगी रजत भार्गव ने कृषि मंत्री आनंद सिंह के साथ ही विभाग के अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में अध्ययन से जुड़े तथ्य रखे।

बताया कि बर्ड सेंक्चुरी में अब तक पक्षियों की 150 प्रजातियों का पता चला है। यह संख्या 500 के पार जा सकती है। कॉर्बेट पार्क में भी अभी तक पक्षियों की 550 प्रजातियों मिली हैं।
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