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यूपी के 6 मेडिकल कॉलेजों, दो चिकित्सा संस्थानों में ई-हॉस्पिटल सुविधा शुरू, घर बैठे लें अपॉइंटमेंट

Sun, 14 Oct 2018 12:41 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 14 Oct 2018 12:41 AM IST
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e hospital facility started in six medical colleges of up
ई हॉस्पिटल सुविधा की शुरुआत करते चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन

छह राजकीय मेडिकल कॉलेजों व कानपुर के दो चिकित्सा संस्थानों में मरीजों का पंजीकरण, घर बैठे डॉक्टरों से अपॅाइंटमेंट, इन्डोर व शुल्क जमा करने की ऑनलाइन सुविधा शुरू हो गई है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने मेरठ के मरीज फुरकान का योजना भवन से पंजीकरण कराकर  एक रुपये का पर्चा बनवाया। इस सुविधा का पहला चरण पूरा हो गया है। अब दूसरे चरण में फार्मेसी और तीसरे चरण में जांच व टेलीमेडिसिन की सुविधा दी जाएगी। 

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मंत्री ने बताया कि शनिवार से प्रदेश के सबसे पुराने झांसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, इलाहाबाद के राजकीय मेडिकल कॉलेजों व कानपुर के जेकेकैंसर संस्थान और हृदय रोग संस्थान में मरीजों के लिए ई-हॉस्पिटल सुविधा शुरू हो गई है। इससे एक ही प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण, भर्ती और  शुल्क जमा किया जा सकेगा।
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मरीज www.ors.gov.in पर लॉगइन करके इन सभी मेडिकल कॉलेजों व संस्थानों में डॉक्टर को दिखाने के लिए घर बैठे ही समय ले सकेंगे। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें एक विशेष काउंटर से पंजीकरण शुल्क लेकर पर्चा दिया जाएगा। इससे मरीजों को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।
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ई-हॉस्पिटल से मरीजों को टेलीमेडिसिन तो  छात्रों को शिक्षण की सुविधा भी मिलेगी। साथ ही, मरीजों का डाटा एक ही स्थान पर मिलने से छात्रों को शोध में भी मदद मिलेगी। पंजीकरण से मरीजों को यूनिक आईडी मिलेगी, जिससे वे पूरे देश में ई-हॉस्पिटल से जुड़े रहेंगे। उन्हें अपना रिकॉर्ड साथ लेकर नहीं चलना पड़ेगा। 

इस दौरान मंत्री ने ई-हॉस्पिटल का सपना साकार करने वाले स्ट्रेटजिक सेल प्रभारी सचिव चिकित्सा शिक्षा जयंत नार्लीकर की सराहना की। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. रजनीश दुबे ने बताया कि ई-हॉस्पिटल के  लिए हर चिकित्सा संस्थान ने 20-20 करोड़ का प्रोजेक्ट भेजा था, लेकिन एनआईसी व एकेटीयू के सहयोग से इसे मात्र 41 करोड़ रुपये में पूरा किया जा रहा है।

इससे लगभग 75 फीसदी धन की बचत हुई है। महानिदेशक एनआईसी नीता वर्मा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से बताया कि एम्स दिल्ली के अलावा एसजीपीजीआई व लोहिया चिकित्सा विवि से भी इन मेडिकल कॉलेजों को जोड़ा जाएगा। इस मौके पर महानिदेशक प्रो. केके गुप्ता, कुलपति केजीएमूय प्रो. एमएलबी भट्ट, निदेशक एसजीपीजीआई प्रो. राकेश कपूर, निदेशक लोहिया चिकित्सा विवि प्रो. दीपक मालवीय व डॉ. सचिन आदि मौजूद रहे। 

एक नजर ई-हॉस्पिटल पर 

-150 किलोमीटर फाइबर ऑप्टिकल बिछाई गई
-निक नेट, बीएसएनएल व जियो की इंटरनेट सेवा
-छह हब रूम का लोकल नेटवर्क
-700 एक्सेस स्विच, 490 कंप्यूटर, 299 प्रिंटर
-एनआईसी के 74 आईटी प्रशिक्षित
-एनआईसी मेघराज सर्वर पर डाटा होने से कहीं से भी एक्सेस की सुविधा 
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