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लखनऊ : सचिवालय में एक नवंबर से पूरी तरह लागू हो जाएगी ई-ऑफिस व्यवस्था
Thu, 17 Oct 2019 11:47 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Thu, 17 Oct 2019 11:47 PM IST
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लखनऊ सचिवालय
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश सरकार ने शासन स्तर पर ई-ऑफिस व्यवस्था को पूरी तरह से लागू करने के लिए 31 अक्तूबर तक सभी अधूरे काम पूरे करने के निर्देश दे दिए हैं। इसके बाद सरकार जिलों में इस काम पर फोकस बढ़ाएगी।
प्रदेश की मौजूदा सरकार की पहल पर शासन से जिलों तक समयबद्ध ढंग से पत्रावलियों के निस्तारण व पारदर्शी तरीके से समीक्षा अधिकारी से अपर मुख्य सचिव, मुख्य सचिव व मंत्रियों तक की जवाबदेही तय करने के लिए ई-ऑफिस व्यवस्था की पहल की गई थी। इसमें तीन दिन के भीतर पत्रावलियों के निस्तारण से जुड़े निर्देश पर अमल की हकीकत जानी जा सकती है।
तय समय में पत्रावलियां निस्तारित न करने वाले भी चिह्नित किए जा सकते हैं। शासन स्तर पर अधिकतर विभागों में नई फाइलें ई-ऑफिस सिस्टम से जनरेट कर संचालित की जाने लगी हैं। लेकिन, बड़ी मात्रा में पुरानी पत्रावलियां अभी भी मैनुअल तरीके से चलाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि मैनुअल पत्रावलियों का संचालन ई-ऑफिस पर करने के लिए पुरानी पत्रावलियों की स्कैनिंग की जानी है। इस काम में कई विभाग रुचि नहीं ले रहे हैं।
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शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने सचिवालय प्रशासन विभाग के साथ पुरानी पत्रावलियों की स्कैनिंग से जुड़ी कार्यवाही की समीक्षा की है। सभी पुरानी पत्रावलियों की स्कैनिंग 31 अक्तूबर तक पूरा करने को कहा गया है। एक नवंबर से सचिवालय की शत-प्रतिशत पत्रावलियां ई-ऑफिस से ही संचालित करने की योजना है।
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प्रदेश की मौजूदा सरकार की पहल पर शासन से जिलों तक समयबद्ध ढंग से पत्रावलियों के निस्तारण व पारदर्शी तरीके से समीक्षा अधिकारी से अपर मुख्य सचिव, मुख्य सचिव व मंत्रियों तक की जवाबदेही तय करने के लिए ई-ऑफिस व्यवस्था की पहल की गई थी। इसमें तीन दिन के भीतर पत्रावलियों के निस्तारण से जुड़े निर्देश पर अमल की हकीकत जानी जा सकती है।
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तय समय में पत्रावलियां निस्तारित न करने वाले भी चिह्नित किए जा सकते हैं। शासन स्तर पर अधिकतर विभागों में नई फाइलें ई-ऑफिस सिस्टम से जनरेट कर संचालित की जाने लगी हैं। लेकिन, बड़ी मात्रा में पुरानी पत्रावलियां अभी भी मैनुअल तरीके से चलाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि मैनुअल पत्रावलियों का संचालन ई-ऑफिस पर करने के लिए पुरानी पत्रावलियों की स्कैनिंग की जानी है। इस काम में कई विभाग रुचि नहीं ले रहे हैं।
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शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने सचिवालय प्रशासन विभाग के साथ पुरानी पत्रावलियों की स्कैनिंग से जुड़ी कार्यवाही की समीक्षा की है। सभी पुरानी पत्रावलियों की स्कैनिंग 31 अक्तूबर तक पूरा करने को कहा गया है। एक नवंबर से सचिवालय की शत-प्रतिशत पत्रावलियां ई-ऑफिस से ही संचालित करने की योजना है।