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Lucknow News: ठेकेदार की मनमानी से आधी रात 10 हजार घरों की बिजली हुई गुल, उपकेंद्र का घेराव
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उपकेंद्र में क्षतिग्रस्त पैनल और भूमिगत केबल को देखते इंजीनियर।
- फोटो : संवाद
लखनऊ। अलीगंज कॉलोनी में निर्माण इकाई के एक ठेकेदार की लापरवाही और मनमानी ने हजारों लोगों की रात की नींद उड़ा दी। इंजीनियरों की मनाही के बावजूद जेसीबी से खोदाई करने के कारण 33 केवी भूमिगत लाइन कट गई। इससे सेक्टर-सी, डी, जी, पी, के सहित पुरनिया गांव और आसपास के 10 हजार से ज्यादा घरों की बिजली गुल हो गई।
मनाही के बावजूद बृहस्पतिवार रात करीब 11:30 बजे ठेकेदार ने उपकेंद्र के पास खोदाई शुरू की। जेसीबी की टक्कर से केबल कटते ही पुरनिया उपकेंद्र के 15 एमवीए ट्रांसफार्मर में जोरदार धमाका हुआ। इससे कंट्रोल रूम का पैनल और रिले सिस्टम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना में लगभग 10 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। इंजीनियरों ने यहां केबल की अधिकता के कारण ठेकेदार को हाथों (मैनुअल) से खोदाई कराने की सलाह दी थी मगर उसने इसे अनसुना कर दिया।
जनता ने किया घेराव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
गर्मी के बीच बिजली जाने के कुछ समय बाद लगभग 200 लोगों की भीड़ ने पुरनिया उपकेंद्र को घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर पुलिस बुलाई गई, जिसे भीड़ को हटाने के लिए लाठियां फटकारनी पड़ीं। घटना के बाद इंजीनियर भागते हुए उपकेंद्र पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में क्षतिग्रस्त केबल और उपकरणों की मरम्मत का काम शुरू हुआ।
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रात भर चला काम, सुबह 5 बजे बहाल हुई आपूर्ति
रात 12:15 बजे तक कॉलोनी के बड़े हिस्से में अंधेरा रहा। विभागीय सक्रियता से पौन घंटे में 7,000 उपभोक्ताओं की बिजली चालू कर दी गई, जबकि 3,000 उपभोक्ताओं और केंद्रीय भवन की आपूर्ति गोयल उपकेंद्र के जरिये करीब डेढ़ घंटे बाद बहाल हुई। सुबह 5 बजे तक पैनल और केबल की मरम्मत पूरी होने के बाद व्यवस्था सुचारू हो सकी।
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ठेकेदार की लापरवाही के कारण पूरी रात अलीगंज की बिजली व्यवस्था ठप रही। मनाही के बावजूद जेसीबी से खोदाई करना गंभीर चूक है। इस नुकसान और लापरवाही के लिए ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- वीपी सिंह, मुख्य अभियंता, जानकीपुरम जोन
150 घरों ने रात से सुबह तक झेला बिजली संकट
इंदिरानगर सेक्टर 16 के 150 घरों के लोगों ने बृहस्पतिवार रात 10 से शुक्रवार सुबह 7:30 बजे तक बिजली संकट झेला। यहां 250 केवीए का ट्रांसफार्मर ओवरहीट होने के कारण खराब हो गया। ट्राॅली ट्रांसफार्मर लगाया तो दो घंटे बाद वह भी खराब हो गया। कर्मचारी रात भर खराब ट्रांसफार्मर सही कर बिजली चालू कर सके।
सरोजनीनगर के उद्यमी त्रस्त
सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी 15 दिनों से लगातार ट्रिपिंग और बिजली कटौती से त्रस्त हैं। इससे उद्योगों को भारी नुकसान हो रहा है। बार-बार बिजली जाने से उत्पादन ठप हो जाता है। उद्यमी रितेश श्रीवास्तव के मुताबिक, यह अब रोज की बात हो गई है कि बिना किसी पूर्व सूचना के पावरकट या शटडाउन कर दिया जाता है। रिवर्स फेज की समस्या भी बनी हुई है, जिसके कारण मशीनें खराब हो रही हैं और उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
यहां भी उपभोक्ता रहे परेशान
- जीपीआरए उपकेंद्र के मिश्रपुर फीडर में रात 10 बजे फॉल्ट आने से रात 2 बजे तक कुर्सी रोड पर गुल रही बिजली।
- इकाना स्टेडियम के पास दोपहर 12:30 बजे आग से 33 केवी केबल क्षतिग्रस्त होने एमार एमजीएफ, सीजी सिटी की बिजली गुल।
- डिफेंस कॉलोनी में शुक्रवार को फिर एबीसी में आग लगी। तीन घंटे तक ठप रही आपूर्ति।
- राजाजीपुरम न्यू उपकेंद्र के मानस विहार में बृहस्पतिवार रात 10:30 से 2:40 बजे तक बिजली गुल, वजह तकनीकी खामी।
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मनाही के बावजूद बृहस्पतिवार रात करीब 11:30 बजे ठेकेदार ने उपकेंद्र के पास खोदाई शुरू की। जेसीबी की टक्कर से केबल कटते ही पुरनिया उपकेंद्र के 15 एमवीए ट्रांसफार्मर में जोरदार धमाका हुआ। इससे कंट्रोल रूम का पैनल और रिले सिस्टम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना में लगभग 10 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। इंजीनियरों ने यहां केबल की अधिकता के कारण ठेकेदार को हाथों (मैनुअल) से खोदाई कराने की सलाह दी थी मगर उसने इसे अनसुना कर दिया।
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जनता ने किया घेराव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
गर्मी के बीच बिजली जाने के कुछ समय बाद लगभग 200 लोगों की भीड़ ने पुरनिया उपकेंद्र को घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर पुलिस बुलाई गई, जिसे भीड़ को हटाने के लिए लाठियां फटकारनी पड़ीं। घटना के बाद इंजीनियर भागते हुए उपकेंद्र पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में क्षतिग्रस्त केबल और उपकरणों की मरम्मत का काम शुरू हुआ।
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रात भर चला काम, सुबह 5 बजे बहाल हुई आपूर्ति
रात 12:15 बजे तक कॉलोनी के बड़े हिस्से में अंधेरा रहा। विभागीय सक्रियता से पौन घंटे में 7,000 उपभोक्ताओं की बिजली चालू कर दी गई, जबकि 3,000 उपभोक्ताओं और केंद्रीय भवन की आपूर्ति गोयल उपकेंद्र के जरिये करीब डेढ़ घंटे बाद बहाल हुई। सुबह 5 बजे तक पैनल और केबल की मरम्मत पूरी होने के बाद व्यवस्था सुचारू हो सकी।
ठेकेदार की लापरवाही के कारण पूरी रात अलीगंज की बिजली व्यवस्था ठप रही। मनाही के बावजूद जेसीबी से खोदाई करना गंभीर चूक है। इस नुकसान और लापरवाही के लिए ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- वीपी सिंह, मुख्य अभियंता, जानकीपुरम जोन
150 घरों ने रात से सुबह तक झेला बिजली संकट
इंदिरानगर सेक्टर 16 के 150 घरों के लोगों ने बृहस्पतिवार रात 10 से शुक्रवार सुबह 7:30 बजे तक बिजली संकट झेला। यहां 250 केवीए का ट्रांसफार्मर ओवरहीट होने के कारण खराब हो गया। ट्राॅली ट्रांसफार्मर लगाया तो दो घंटे बाद वह भी खराब हो गया। कर्मचारी रात भर खराब ट्रांसफार्मर सही कर बिजली चालू कर सके।
सरोजनीनगर के उद्यमी त्रस्त
सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी 15 दिनों से लगातार ट्रिपिंग और बिजली कटौती से त्रस्त हैं। इससे उद्योगों को भारी नुकसान हो रहा है। बार-बार बिजली जाने से उत्पादन ठप हो जाता है। उद्यमी रितेश श्रीवास्तव के मुताबिक, यह अब रोज की बात हो गई है कि बिना किसी पूर्व सूचना के पावरकट या शटडाउन कर दिया जाता है। रिवर्स फेज की समस्या भी बनी हुई है, जिसके कारण मशीनें खराब हो रही हैं और उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
यहां भी उपभोक्ता रहे परेशान
- जीपीआरए उपकेंद्र के मिश्रपुर फीडर में रात 10 बजे फॉल्ट आने से रात 2 बजे तक कुर्सी रोड पर गुल रही बिजली।
- इकाना स्टेडियम के पास दोपहर 12:30 बजे आग से 33 केवी केबल क्षतिग्रस्त होने एमार एमजीएफ, सीजी सिटी की बिजली गुल।
- डिफेंस कॉलोनी में शुक्रवार को फिर एबीसी में आग लगी। तीन घंटे तक ठप रही आपूर्ति।
- राजाजीपुरम न्यू उपकेंद्र के मानस विहार में बृहस्पतिवार रात 10:30 से 2:40 बजे तक बिजली गुल, वजह तकनीकी खामी।

उपकेंद्र में क्षतिग्रस्त पैनल और भूमिगत केबल को देखते इंजीनियर। - फोटो : संवाद