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लविवि : हॉस्टल के लिए भटक रहे विद्यार्थी, चल रही मरम्मत

Fri, 22 Jan 2021 01:32 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Jan 2021 01:32 AM IST
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Due to repair work students not getting hostel
लखनऊ विश्वविद्यालय में क्लास रूम टीचिंग तो शुरू हो गई, लेकिन विद्यार्थी अब भी हॉस्टल के लिए भटक रहे हैं। समय से हॉस्टल की मरम्मत का काम न पूरा होने से पीएचडी की छात्राएं भी अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं। वहीं फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को सीधे मना कर दिया जा रहा है। इसका एक कारण कोरोना संक्रमण के कारण सिंगल रूम का आवंटन भी है।
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इस बारे में लविवि प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव का कहना है कि शासन के नियम के अनुसार ही सिंगल रूम अलॉटमेंट किया जा रहा है। ऐसे में 2200 की जगह 1100 विद्यार्थियों को ही हॉस्टल दिया जा सकेगा।
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छात्राएं बोलीं, बाहर भी नहीं मिल रहे कमरे
कोरोना संक्रमण और अधिकारियों की ढीली कार्यप्रणाली से अभी तक हॉस्टल में मरम्मत का काम चल रहा है। कैलाश, सुभाष, एनडी में अभी अलग-अलग संस्थाएं काम कर रही हैं। पीएचडी स्टूडेंट्स के लिए बने हॉस्टल बीरबर साहनी में कई साल से आवंटन नहीं हो रहा है। इस साल उसकी भी मरम्मत कराई जा रही है, लेकिन काफी देर से। बाहर से आई छात्राओं ने बताया कि उनको यहां-वहां भटकना पड़ रहा है। इस समय बाहर भी रूम नहीं मिल रहे हैं।
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15 दिन में पूरी होगी मरम्मत
लगभग 15 दिन में मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा। कोरोना संक्रमण की वजह से काम देरी से सितंबर के बाद काम शुरू हुआ। चार अलग-अलग एजेंसी काम कर रही हैं। जिसके काम में देरी हो रही है, उनके अधिकारियों को लिखा जा रहा है।
- डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव, प्रवक्ता लविवि
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