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चक्कर लगवाते रहे डॉक्टर, थम गईं युवती की सांसें
Fri, 05 Apr 2019 01:45 AM IST
sahaj sahaj
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: sahaj sahaj
Updated Fri, 05 Apr 2019 01:45 AM IST
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फाइल फोटो
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केजीएमयू में अव्यवस्था ने बृहस्पतिवार को एक मरीज की जान ले ली। डॉक्टर उसे लारी कॉर्डियोलॉजी और सीटीवीएस विभाग के चक्कर लगवाते रहे और आयुष्मान योजना की पात्र युवती की मौत हो गई। इंटौजा के सिंधामऊ निवासी मुस्कान के दिल के दोनों वॉल्व खराब थे। काफी समय से उसका इलाज लॉरी कॉर्डियोलॉजी विभाग में चल रहा है। बृहस्पतिवार सुबह मुस्कान की तबीयत अचानक बिगड़ गई। तीमारदार उसे लॉरी की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने मुस्कान को एक इंजेक्शन लगाकर कॉर्डियो थोरैसिक वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग की ओपीडी भेज दिया। यहां काफी देर इंतजार के बाद उसकी सांस फूलने लगी और वह बेहोश होकर गिर गई। यह देख तीमारदार रागिनी, रूबी और सुशील बिलखने लगे। इस पर डॉक्टरों ने मुस्कान को ओपीडी से लारी इमरजेंसी भेज दिया। यहां डॉक्टर उसे भर्ती करने को राजी नहीं थे। इस पर तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। बवाल बढ़ता देख मुस्कान को आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
स्ट्रेचर मिली, न व्हीलचेयर
सीटीवीएस विभाग की ओपीडी में मुस्कान के बेहोश होने पर तीमारदार लॉरी ले जाने को व्हीलचेयर, स्ट्रेचर तलाशने लगे। इसके लिए पहले से तीसरे तल तक दौड़ लगाई, लेकिन न स्ट्रेचर मिली न व्हीलचेयर। इस पर महिला तीमारदार मुस्कान को गोद में उठाकर लॉरी इमरजेंसी की ओर भागी।
आयुष्मान योजना का नहीं मिल रहा लाभ
मां मनोरमा का कहना है कि मुस्कान आयुष्मान योजना की पात्र थी। सीटीवीएस विभाग में वॉल्व बदलने को करीब तीन माह पहले आवेदन किया था। कागजी कार्यवाही पूरी होने के बावजूद अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला। तीमारदारों का कहना है कि ऑपरेशन की तारीख तक नहीं मिल रही थी और न ही वॉल्व के लिए अभी तक इंडेट भेजा गया था।
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मरीज के बारे में जानकारी नहीं
लारी में मरीजों का लोड बहुत अधिक है। बेड की कमी है। अति गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। मुस्कान के बारे में जानकारी नहीं है।
-प्रो. वीएस नारायण
विभागाध्यक्ष, लारी
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स्ट्रेचर मिली, न व्हीलचेयर
सीटीवीएस विभाग की ओपीडी में मुस्कान के बेहोश होने पर तीमारदार लॉरी ले जाने को व्हीलचेयर, स्ट्रेचर तलाशने लगे। इसके लिए पहले से तीसरे तल तक दौड़ लगाई, लेकिन न स्ट्रेचर मिली न व्हीलचेयर। इस पर महिला तीमारदार मुस्कान को गोद में उठाकर लॉरी इमरजेंसी की ओर भागी।
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आयुष्मान योजना का नहीं मिल रहा लाभ
मां मनोरमा का कहना है कि मुस्कान आयुष्मान योजना की पात्र थी। सीटीवीएस विभाग में वॉल्व बदलने को करीब तीन माह पहले आवेदन किया था। कागजी कार्यवाही पूरी होने के बावजूद अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला। तीमारदारों का कहना है कि ऑपरेशन की तारीख तक नहीं मिल रही थी और न ही वॉल्व के लिए अभी तक इंडेट भेजा गया था।
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मरीज के बारे में जानकारी नहीं
लारी में मरीजों का लोड बहुत अधिक है। बेड की कमी है। अति गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। मुस्कान के बारे में जानकारी नहीं है।
-प्रो. वीएस नारायण
विभागाध्यक्ष, लारी