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निदेशक से विवाद के बाद डूडा अफसर छुट्टी पर, फोन भी बंद, पढ़ें- पूरा मामला
Sat, 21 Nov 2020 01:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Nov 2020 01:56 AM IST
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करोड़ों के टेंडर को लेकर विभाग के ही आला अफसर के साथ कई महीने से खींचतान के बाद नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की परियोजना अधिकारी गुरुवार को अचानक छुट्टी पर चली गईं और सरकारी फोन भी बंद कर लिया।
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जिन आला अफसर से विवाद हुआ वह वही हैं, जिनकी पत्नी ने एक साल पहले घर में ही आत्महत्या कर ली थी। मामला टेंडर से जुड़ा होने के कारण इसे दबाया भी जा रहा है। नियमों से हटकर चहेतों को टेंडर दिए जाने को लेकर डूडा अक्सर सुर्खियों में रहा है।
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डेढ़ साल पहले करोड़ों के टेंडर नियम दरकिनार कर चहेते ठेकेदारों को देने का मामला सामने आ चुका है। इसमें एक लिपिक पर कार्रवाई कर मामले को दबा दिया गया था। अब जो नया मामला सामने आया है, उसकी भी असल जड़ दो अफसरों के बीच मनचाहे ठेकेदारों को टेंडर दिए जाने का विवाद ही है।
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दिए गए थे जांच के आदेश
डूडा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि टेंडर को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि एक बार जांच होने के बाद फिर सूडा निदेशक ने पड़ताल केआदेश दिए। इससे विवाद गहरा गया और महिला अधिकारी छुट्टी पर चली गईं। जानकारों ने यह भी बताया कि डूडा में टेंडर तो नाम के लिए पड़ते हैं, असल में काम उन्हीं को मिलता है जिनकी सिफारिश नेता और अफसर करते हैं। इसके बाद वह टेंडर पाते हैं, जो हाकिमों को खुश करते हैं।
सबने साधी चुप्पी
मामले केे लेकर जब निधि बाजपेयी से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। एसएमएस का भी जवाब नहीं दिया। इसी तरह सूडा निदेशक उमेश प्रताप सिंह का भी फोन नहीं मिला। वहीं, डूडा प्रभारी अपर नगर आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि उनको मामले की जानकारी नहीं है। यह जरूर है कि दो दिन से उनकी बात डूडा पीओ से नहीं हुई है।
सबने साधी चुप्पी
मामले केे लेकर जब निधि बाजपेयी से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। एसएमएस का भी जवाब नहीं दिया। इसी तरह सूडा निदेशक उमेश प्रताप सिंह का भी फोन नहीं मिला। वहीं, डूडा प्रभारी अपर नगर आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि उनको मामले की जानकारी नहीं है। यह जरूर है कि दो दिन से उनकी बात डूडा पीओ से नहीं हुई है।