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ड्राइवरों की हड़ताल: यूपी में 4652 बसों के चक्के जाम, पूरी तरह चरमराई परिवहन व्यवस्था, सीतापुर में पथराव

Tue, 02 Jan 2024 01:00 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 02 Jan 2024 01:00 PM IST
सार

रोडवेज अफसरों ने बताया कि गत 31 दिसंबर को अमौसी ऑयल डिपों के टैंकर चालकों ने नए कानून के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की। इसकी चिट्ठी सोमवार सुबह वायरल हो गई।

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Drivers' strike: Transport system completely broken down, thousands of passengers troubled
ड्राइवरों ने की हड़ताल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नए साल के पहले दिन राजधानी की यातायात व्यवस्था ठप हो गई। हिट एंड रन कानून के विरोध में ड्राइवरों ने हड़ताल कर दी। पूरे प्रदेश में 4652 बसों के चक्के जाम रहे। महज 852 बसों का संचालन हुआ। इससे पूरे प्रदेश की परिवहन व्यवस्था गड़बड़ा गई। हर चौराहे पर लोगों की भीड़ जमा हुई। निजी वाहनों की इसमें चांदी हो गई। उन्होंने मनचाहा किराया लेकर सवारियां ढोईं। 

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यूपी की राजधानी लखनऊ में 900 बसों के पहिए पांच घंटे तक थमे रहे। रोडवेज के साथ अनुबंधित बसों से सफर करने वाले 62 हजार यात्री परेशान हुए। वहीं आटो व टेम्पो का संचालन भी ड्राइवरों ने बाधित किया, जिसके 10 हजार यात्री प्रभावित हुए। बसों की हड़ताल से शहर में यातायात जाम हो गया। ट्रांसपोर्टनगर और अमौसी में कामर्शियल वाहन खड़े होने से जरूरी सामानों की सप्लाई चेन टूट गई।
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उदयगंज निवासी अमित सिंह अपनी फैमिली के साथ सीतापुर जाने के लिए कैसरबाग बस अड्डे पहुंचे। उनकी पत्नी व बेटियां साथ थीं। उन्होंने सीतापुर की बस में सवार होने का प्रयास किया, पर ड्राइवरों ने उन्हें बस में सवार नहीं होने दिया। ऐसे हजारों पैसेंजर सोमवार को कैसरबाग, चारबाग, आलमबाग, अवध बस अड्डे पहुंचे, पर उन्हें सफर की सुविधा नहीं मिल सकी।
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बस ड्राइवरों की हड़ताल के चलते बसों के चक्के जाम कर दिए गए। बसें जहां की तहां खड़ी रहीं। सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक, पांच घंटे संचालन पूरी तरह से ठप रहा। हालांकि, रोडवेज अफसर दिनभर बस संचालन का प्रयास करते रहे, पर उन्हें दोपहर बाद सफलता मिली। लखनऊ परिक्षेत्र में रोडवेज व अनुबंधित बसों की संख्या 992 है। ड्राइवरों ने हड़ताल कर 900 बसों को सड़कों पर निकलने से रोक दिया। जबकि अफसरों ने मशक्कत कर 92 बसों को चलाने में सफलता हासिल की। हालांकि, इस दौरान अफसरों से ड्राइवरों की कहासुनी भी हुई। बसों से प्रतिदिन 72 हजार पैसेंजर यात्रा करते हैं, जिसमें 62 हजार यात्री सफर से वंचित हो गए।

अफवाहों पर ध्यान ना दें कर्मचारी
1 जनवरी 2024 को परिवहन निगम की मात्र 852 बसों का संचालन हुआ जबकि 4652 बसों की आउटशैडिंग नहीं हुई । दुर्घटनाओं में चालकों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही के संबंध में प्रस्तावित प्रावधान जो अभी अधिसूचित भी नहीं हुए हैं ,के विषय में जो आशंकाएं व्याप्त हैं वे तथ्य परक नहीं है। किसी भी कानून के लागू होने से पूर्व तथा सही एवं प्रमाणिक जानकारी के अभाव में पूर्वाग्रह से धारणा बना लेना उचित नहीं है।

अतः,अफवाहों व आशंकाओं के आधार पर उद्वेलित ना हों। कर्मचारियों के हितों को पुष्ट करने व निगम की प्रगति के लिए प्रबंधन सदैव कृत संकल्पित रहा है। वर्ष 2024 में भी निगम तथा कर्मचारी समुदाय के व्यापक हितों हेतु कार्यवाही की जाएगी।

 सभी कर्मचारियों से अपील की जाती है कि किसी के बहकावे में ना आएं तथा परिवहन निगम की बेहतरी हेतु बसों का संचालन करें ,जिससे कि यात्रियों को भी कोई असुविधा न हो । अंततोगत्वा इसी में कर्मचारियों का हित अंतर्निहित है।- मासूम अली सरवर, प्रबंध निदेशक, परिवहन निगम उत्तर-प्रदेश 

चिट्ठी से फैली अफवाह, ड्राइवरों ने कर दी हड़ताल
रोडवेज अफसरों ने बताया कि गत 31 दिसंबर को अमौसी ऑयल डिपों के टैंकर चालकों ने नए कानून के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की। इसकी चिट्ठी सोमवार सुबह वायरल हो गई। देखते ही देखते रोडवेज व अनुबंधित बसों के ड्राइवरों ने हड़ताल कर दी और शहर का यातायात ठप हो गया। अचानक हुई हड़ताल से आम यात्रियों से लेकर मरीज, अफसर, कर्मचारी, हर आय, आयुवर्ग का पैसेंजर प्रभावित हुआ।

ऑटो टेम्पो ने ढोई सवारी, ड्राइवरों ने धमकाया
सुबह से दोपहर तक बसों की हड़ताल के चलते यात्रियों का सफर मुहाल हो गया। ऐसे में आटो, टेम्पो, ई रिक्शा चालकों ने यात्रियों की सहूलियत के लिए सुविधाएं दीं। पर, ड्राइवरों ने उन्हें धमकाया। राजधानी में 45 सौ आटो, टेम्पो आदि हैं, जिसके करीब 10 हजार यात्रियों को बस ड्राइवरों की मनमानी के चलते सफर मयस्सर नहीं हो सका।


सीतापुर में पथराव, 50 पर केस
सीतापुर जिले में सिधौली कस्बे में ट्रक चालकों ने हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। इससे छह किलोमीटर से भी अधिक का जाम लग गया। पुलिस जाम खुलवाने पहुंची तो उन्होंने पथराव किया। इसमें एक सिपाही चोटिल हो गया। पुलिस ने 50 लोगों पर उपद्रव करने की धाराओं में केस दर्ज किया है। वहीं, रायबरेली में हड़ताल पर रोडवेज के 22 चालकों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है।

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