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सीएम से मिलने की जिद पर टंकी पर चढ़े 'जय और वीरू'
आशीष त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Thu, 26 Sep 2013 02:36 PM IST
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विधानसभा के समक्ष बुधवार को प्रदर्शनकारियों का हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।
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दोपहर को उर्दू-मोअल्लिम-ए-उर्दू डिग्रीधारक दो प्रदर्शनकारी ए ब्लाक दारूलशफा स्थिति पानी की टंकी पर चढ़ गए। वह मुख्यमंत्री से मिलने की मांग पर अड़े थे। हंगामा करीब एक घंटे तक चला।
मौके पर पहुंचे एडीएम व एसीएम ने मोअल्लिम-ए- उर्दू वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों को मुख्य सचिव शिक्षा से मिलवाने का आश्वासन दिया। तब जक ड्रामा खत्म हुआ।
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संगठन के संरक्षक अफताब के फोन कॉल पर दोनों प्रदर्शन कारी एहारूल हक व मो. यासीन पानी की टंकी से उतरे। पूरे एक घंटे चली इस ड्रामे से प्रशासन काफी परेशान रहा। बाद में पुलिस ने संरक्षक सहित दोनों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर कोतवाली भेज दिया।
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मोअल्लिम-ए- उर्दू वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले उर्दू डिग्री धारक बुधवार को राजधानी पहुंचे। विधानभवन के समक्ष प्रदर्शन कर रहे संगठन सदस्य छह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पर अड़े थे।
दोपहर को मौका पाकर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए निकल गए। हालांकि, पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद दो प्रदर्शनकारियों ने पानी की टंकी पर चढ़कर हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया।
संगठन की प्रदेश अध्यक्ष नुजरत जहां ने कहा कि भाषा शिक्षक उर्दू अध्यापक के लिए सृजित पदों में समान्य बीटीसी वालों को सम्मिलित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उर्दू डिग्री धारकों के साथ समान्य बीटीसी के भी भाषा शिक्षक उर्दू के लिए आवेदन लिए गए हैं।
साथ ही, 1994 से सहायक अध्यापक उर्दू के पदों में नियुक्ति के लिए मोअल्लिम-ए- उर्दू डिग्री धारकों को वरीयता दी जानी चाहिए।
उन्होनें कहा कि यूपी टीईटी-2013 के 11 सवाल/जवाबों को सुधार कर नंवबर तक क्षतिपूर्ति कर सभी अभ्यार्थियों को इसका अतिरिक्त लाभ दिया जाना चाहिए।