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केजीएमयू की चिकित्सक की बड़ी उपलब्धि : कोरोना काल में परामर्श देने में डॉ. सानिया देशभर में रहीं सबसे आगे
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Dr Sania made record
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लखनऊ। कोरोना काल मेें केजीएमयू की डॉ. सानिया रऊफ ने ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से देशभर में सबसे ज्यादा मरीजों को परामर्श दिया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें मोहाली के सीडैक संस्थान के 33वें स्थापना दिवस पर विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि डॉ. सानिया ने केजीएमयू के ई-संजीवनी पोर्टल पर 50 हजार मरीजों को परामर्श दिया है। यह संख्या पूरे देश में सबसे ज्यादा है। कोरोना की पहली लहर से लेकर अब तक रोजाना आने वाले फोन के आधार पर यह संख्या निकाली गई है। केजीएमयू के अन्य डॉक्टरों के साथ मिलकर डॉ. सानिया ने कुल एक लाख 50 हजार लोगों को परामर्श दिया है। उन्हें नीति आयोग के सदस्य और जेएनयू के चांसलर डॉ. वीके सारस्वत और सीडीएसी मोहाली के निदेशक पीके खोसला ने सम्मानित किया। केजीएमयू के कुलपति ले. जनरल बिपिन पुरी ने इस उपलब्धि पर डॉ. सानिया को बधाई दी है। टेलीमेडिसिन सेवा की प्रभारी डॉ. शीतल वर्मा ने बताया कि संस्थान के चिकित्सा अधिकारी रोजाना करीब 1500 और हर महीने 14 हजार मरीजों को परामर्श देते हैं। इस सेवा को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
टेलीमेडिसिन से ज्यादा ई-संजीवनी को वरीयता
कोरोना काल में ई-संजीवनी के साथ ही टेलीमेडिसिन सेवा शुरू की गई। हालांकि, सामान्य दिनों के मुकाबले 10 फीसदी मरीज भी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे थे। वहीं, ई-संजीवनी पोर्टल को ज्यादा पसंद किया गया। केजीएमयू में सामान्य दिनों में ओपीडी का आंकड़ा 10 हजार के करीब होता है। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से फोन के साथ ही वीडियो कॉल की सुविधा भी दी जा रही है। इसका फायदा उठाने के लिए सबसे पहले प्ले स्टोर से ई-संजीवनी एप को इंस्टॉल किया जाता है। पेशेंट रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करके मोबाइल नंबर डालकर इस पर आए ओटीपी को डालकर रजिस्टर्ड किया जाता है। एमएमएस के माध्यम से नोटिफिकेशन मिलने पर लॉगइन कर अपनी बारी आने पर डॉक्टर को दिखाया जाता है।
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केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि डॉ. सानिया ने केजीएमयू के ई-संजीवनी पोर्टल पर 50 हजार मरीजों को परामर्श दिया है। यह संख्या पूरे देश में सबसे ज्यादा है। कोरोना की पहली लहर से लेकर अब तक रोजाना आने वाले फोन के आधार पर यह संख्या निकाली गई है। केजीएमयू के अन्य डॉक्टरों के साथ मिलकर डॉ. सानिया ने कुल एक लाख 50 हजार लोगों को परामर्श दिया है। उन्हें नीति आयोग के सदस्य और जेएनयू के चांसलर डॉ. वीके सारस्वत और सीडीएसी मोहाली के निदेशक पीके खोसला ने सम्मानित किया। केजीएमयू के कुलपति ले. जनरल बिपिन पुरी ने इस उपलब्धि पर डॉ. सानिया को बधाई दी है। टेलीमेडिसिन सेवा की प्रभारी डॉ. शीतल वर्मा ने बताया कि संस्थान के चिकित्सा अधिकारी रोजाना करीब 1500 और हर महीने 14 हजार मरीजों को परामर्श देते हैं। इस सेवा को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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टेलीमेडिसिन से ज्यादा ई-संजीवनी को वरीयता
कोरोना काल में ई-संजीवनी के साथ ही टेलीमेडिसिन सेवा शुरू की गई। हालांकि, सामान्य दिनों के मुकाबले 10 फीसदी मरीज भी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे थे। वहीं, ई-संजीवनी पोर्टल को ज्यादा पसंद किया गया। केजीएमयू में सामान्य दिनों में ओपीडी का आंकड़ा 10 हजार के करीब होता है। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से फोन के साथ ही वीडियो कॉल की सुविधा भी दी जा रही है। इसका फायदा उठाने के लिए सबसे पहले प्ले स्टोर से ई-संजीवनी एप को इंस्टॉल किया जाता है। पेशेंट रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करके मोबाइल नंबर डालकर इस पर आए ओटीपी को डालकर रजिस्टर्ड किया जाता है। एमएमएस के माध्यम से नोटिफिकेशन मिलने पर लॉगइन कर अपनी बारी आने पर डॉक्टर को दिखाया जाता है।
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