स्वीडन में बसे डॉ राम शंकर का अपने प्रदेश को आगे बढ़ाने का सपना, लगाना चाहते हैं प्लाज्मा आधारित एयर प्यूरीफायर प्लांट
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स्वीडन में बसे डॉ. राम शंकर उपाध्याय अपने गृह प्रदेश यूपी को बड़ी सौगात देना चाहते हैं। आगरा में जन्मे डॉ. राम शंकर प्रदेश में नवीनतम प्लाज्मा आधारित एयर प्यूरीफायर का निर्माण करना चाहते हैं। इसे लेकर एमएसएमई विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल से उनकी बातचीत चल रही है।
वैज्ञानिक व मॉलिक्युलर आंकोलॉजिस्ट डॉ. राम शंकर उपाध्याय ने स्टॉकहोम से फोन पर ‘अमर उजाला’ को बताया कि बीते 14 साल से वह यूरोप के कई देशों के साथ-साथ स्वीडन के स्टॉकहोम में रिसर्च से जुड़े हैं। कोरिया में पीबीआरसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रो. ई. चॉय के साथ मिलकर उन्होंने एयर प्यूरीफायर बनाया है।
इसमें प्लाज्मा टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया है। प्रो. ई चॉय विश्व में टीवी में इस्तेमाल होने वाली प्लाज्मा टक्नोलॉजी का विकास करने वाले प्रमुख व्यक्ति हैं। उनके साथ मिलकर नॉन थर्मल प्लाज्मा टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर एयर प्यूरीफायर बनाया गया है। अभी तक विश्व में कहीं भी इस तकनीक का प्रयोग नहीं किया गया है।
कैंसर शोध संस्थान का भी प्रस्ताव
नॉन थर्मल प्लाज्मा टेक्नोलॉजी के अंदर हवा में मौजूद वायरस को भी मार देने की क्षमता है। इसलिए यह सिर्फ एक सामान्य एयर प्यूरीफायर नहीं है। यह एक तरीके का प्यूरीफाइंग सेंसटाइजिंग डिसइंफेक्टेंट डिवाइस है। यह घर के लोगों को हवा में मौजूद वायरस से बचा सकता है।
इस एयर प्यूरीफायर की सभी तरह की जांच पूरी हो चुकी है। अक्तूबर से वैश्विक स्तर पर इसके निर्माण की तैयारी है। डॉ. राम शंकर ने बताया कि यूपी का होने के कारण वह एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट नोएडा या अन्य किसी औद्योगिक क्षेत्र में शुरू करना चाहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही अच्छे परिणाम सामने आएंगे।
डॉ. उपाध्याय ने बताया कि उनकी योजना यूपी में कैंसर के इलाज पर एक शोध संस्थान शुरू करने की है। इसका प्रस्ताव जल्द ही यूपी सरकार के सामने रखेंगे। उनके रिसर्च इंस्टीट्यूट में स्टेम सेल, जीनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स, टारगेट थेरेपी पर कार्य होगा। उन्होंने बताया कि इंस्टीट्यूट में यूपी के डॉक्टरों के लिए एक माह का प्रशिक्षण मॉड्यूल भी होगा, जो उन्हें आधुनिक इलाज के बारे में प्रशिक्षण देगा।