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Lucknow News: ग्रीन काॅरिडोर के लिए फिर चली दर्जनों हरे पेड़ों पर आरी
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ग्नीन कॉरिडोर में काटे गए पेड़।
लखनऊ। राजधानी में चल रहे ग्रीन काॅरिडोर परियोजना की जद में आ रहे बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई थी। मीडिया और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के आवाज उठाने पर एलडीए के आला अधिकारियों ने जुलाई के पहले सप्ताह में आश्वस्त किया कि अब ग्रीन काॅरीडोर की जद में आ रहे पेड़ों को काटा नहीं जाएगा, बल्कि इन्हें शिफ्ट कर बचाया जाएगा, मगर इस वादे के उलट शुक्रवार को ग्रीन काॅरीडोर परियोजना की जद में वीरबल साहनी मार्ग पर वर्षों पुराने लगभग 20 हरे भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर दी गई।
मंडलायुक्त ने पेड़ों को बचाने का दिया था आश्वासन
अमर उजाला ने ग्रीन कॉरिडोर की दायरे में आ रहे पेड़ों को कटने से बचाने का अभियान चलाया था। जून में चलाए गए इस अभियान के बाद मंडलायुक्त रोशन जैकब ने आश्वस्त किया कि अब इस परियोजना के लिए हरे-भरे पेड़ों को कहीं और प्रत्यारोपित कर बचाया जाएगा। चार जुलाई को हनुमान सेतु के पास से मंडलायुक्त ने हरे पेड़ों के प्रत्यारोपण की शुरुआत भी की और करीब 15 साल पुराने 21 पेड़ों को गोमती रिवर फ्रंट पर सफलतापर्वक प्रत्यारोपित किया गया। अब शुक्रवार को दोबारा किए गए इन बचे हुए हरे भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटान पर स्थानीय निवासियों में बेहद रोष का माहाैल है।
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ग्रीन कॉरिडोर के अलाइनमेंट में जो पेड़ आ रहे हैं, उन्हें प्रत्यारोपित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से सूचीबद्ध एजेंसी डीडी मैप के माध्यम से विशेषज्ञों की निगरानी में कई पेड़ों को प्रत्यारोपित भी किया गया है। कुछ पेड़, जिन्हें प्रत्यारोपित किया जाना संभव नहीं है, उन्हें वन विभाग से अनुमति लेकर हटाया जा रहा है। इसके बदले में अन्य स्थान पर कई पेड़-पौधे लगाए जा रहे हैं।
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- विवेक श्रीवास्तव, सचिव, एलडीए
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मंडलायुक्त ने पेड़ों को बचाने का दिया था आश्वासन
अमर उजाला ने ग्रीन कॉरिडोर की दायरे में आ रहे पेड़ों को कटने से बचाने का अभियान चलाया था। जून में चलाए गए इस अभियान के बाद मंडलायुक्त रोशन जैकब ने आश्वस्त किया कि अब इस परियोजना के लिए हरे-भरे पेड़ों को कहीं और प्रत्यारोपित कर बचाया जाएगा। चार जुलाई को हनुमान सेतु के पास से मंडलायुक्त ने हरे पेड़ों के प्रत्यारोपण की शुरुआत भी की और करीब 15 साल पुराने 21 पेड़ों को गोमती रिवर फ्रंट पर सफलतापर्वक प्रत्यारोपित किया गया। अब शुक्रवार को दोबारा किए गए इन बचे हुए हरे भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटान पर स्थानीय निवासियों में बेहद रोष का माहाैल है।
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ग्रीन कॉरिडोर के अलाइनमेंट में जो पेड़ आ रहे हैं, उन्हें प्रत्यारोपित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से सूचीबद्ध एजेंसी डीडी मैप के माध्यम से विशेषज्ञों की निगरानी में कई पेड़ों को प्रत्यारोपित भी किया गया है। कुछ पेड़, जिन्हें प्रत्यारोपित किया जाना संभव नहीं है, उन्हें वन विभाग से अनुमति लेकर हटाया जा रहा है। इसके बदले में अन्य स्थान पर कई पेड़-पौधे लगाए जा रहे हैं।
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- विवेक श्रीवास्तव, सचिव, एलडीए

ग्नीन कॉरिडोर में काटे गए पेड़।