भारी न पड़े किसी अनजान को नंबर देना!
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केवल आपका मोबाइल नंबर किसी अनजान व्यक्ति को दिया जाना ही आपके साथ फ्रॉड का कारण बन सकता है।
इंटरनेट पर कई ऐसे कॉलिंग एप्लीकेशन मौजूद हैं जिनसे किसी खास नंबर को कॉलर आईडी की तरह इस्तेमाल कर कॉल या मैसेज किए जा सकते हैं।
सोमवार को यूपी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूपीसीएसटी), जिला विज्ञान क्लब ने रीजनल साइंस सिटी अलीगंज में साइबर सिक्योरिटी पर कार्यशाला का आयोजन किया।
विशेषज्ञों ने इंटरनेट पर मौजूद एप्लीकेशन के उपयोग से किसी खास नंबर से कॉल या मैसेज कर होने वाले फ्रॉड के तरीके को समझाया।
इसके लिए साइबर विशेषज्ञ विवेक राज श्रीवास्तव और आकाश सक्सेना ने एक छात्र का मोबाइल नंबर लेकर दूसरे छात्र को उसके नंबर से कॉल कर बात की।
खास बात यह है कि इसके लिए पहले छात्र का मोबाइल भी नहीं इस्तेमाल किया गया। उसे पता भी नहीं चला कि उसके नंबर से किसी को कॉल किया गया है।
नंबर हालांकि दूसरे छात्र के मोबाइल पर पहले छात्र का ही डिस्प्ले हो रहा था। विशेषज्ञों ने सलाह दी कि अपना मोबाइल नंबर किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
सतर्क रहे लुभावने ईमेल से
बैंकिंग में इस्तेमाल हो रहे नंबर को तो खासतौर पर शेयर न करें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूपीसीएसटी के संयुक्त निदेशक डॉ. आईडी राम रहे। उन्होंने बताया कि इंटरनेट ने कंप्यूटर को एक खुली किताब की तरह कर दिया है।
आपकी जानकारी को तकनीकी जानकारी रखने वाला दूसरा व्यक्ति भी पढ़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि हमें अपनी वर्चुअल जानकारी और पासवर्ड गोपनीय रखना सीखना होगा।
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) के पूर्व निदेशक डॉ. वीके जोशी ने बताया कि आजकल ईमेल या मैसेज भेजकर इनाम और अवार्ड के रूप में कैश दिए जाने का प्रलोभन दिया जाता है।
ऐसे में लोग लालच में आकर ऑनलाइन पेमेंट भी कर देते हैं। यह साइबर ठगी है, अगर आपको कोई मेल आ रहा है तो इसे इग्नोर करें।
कोई आपसे पैसा जमा करने के लिए कहे तो उसकी शिकायत साइबर सेल में कर दें।