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कैमरा देख गिड़गिड़ाने लगा शहर का डॉन
निशांत यादव/लखनऊ
Updated Sat, 05 Oct 2013 11:13 PM IST
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करीब 500 किलोमीटर के नई दिल्ली से लखनऊ तक के लम्बे सफर के बाद उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय में सीरियल किलर आराम करने पहुंचते हैं।
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वेटिंग हॉल में तैयार होकर डॉन सलीम पुलिसवालों के साथ गपशप मारने में मशगूल हो गया, तो भाई रुस्तम और सोहराब भी अपने धंधे को लेकर मंथन में जुट गए।
इस बीच वर्दीधारी जीआरपी जवानों ने दिल्ली पुलिस और सीरियल किलर को घेरे में ले लिया।
अब तक सब कुछ ठीक ही चल रहा था कि अचानक जीआरपी जवान के वीडियो कैमरा निकालते ही डॉन के चेहरे पर शिकन छा गयी।
अपने हथियारों को इधर-उधर रखकर आराम फरमा रही दिल्ली पुलिस भी मुस्तैद हो गई और बस डॉन का इशारा मिलते ही सब लोग वहां से वीडियो रिकॉर्डिंग से बचते हुए निकल लिए।
जिला जज की सख्ती के बाद शनिवार को जीआरपी में भी सख्ती दिखाई दी। जीआरपी थाना प्रभारी त्रिपुरारी पांडे ने दिल्ली पुलिस को सीरियल किलर के आने की जानकारी न देने पर कड़ी फटकार लगाई।
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करीब आधा दर्जन असलहाधारी जीआरपी जवानों और दो दारोगाओं को वेटिंग हॉल में तैनात कर दिया गया। जीआरपी की सख्ती के कारण डॉन से मिलने उसका परिवार का एक भी सदस्य आसपास नहीं फटक सका।
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उस पर वीडियो रिकॉर्डिंग होते ही वेटिंग हॉल के भीतर अफरातफरी मच गई। यहां बैठे रेल यात्री अचानक बड़ी संख्या में पुलिस बल को देखकर सकते में पड़ गए।
जांच में पता चला कि दिल्ली पुलिस सीरियल किलर को सैफी हत्याकांड सहित कई मामलों की पेशी के लिए सुबह सात बजे ही तिहाड़ जेल से लखनऊ पहुंची थी।
यहां उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय में सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक सीरियल किलर का दरबार लगा। घर से आया नाश्ता खाकर सभी आराम फरमा रहे थे। सलीम दिल्ली पुलिस के दारोगा के साथ आगे की रणनीति तय कर रहा था।
हालांकि, सूत्रों की माने तो सलीम को अब पेशी पर लखनऊ न आने की सूचना मिलने पर निराशा हुई। हर दूसरे दिन लखनऊ पहुंचकर डॉन सलीम अपने गैंग को गुर्गों को बुलाकर अपना धंधा चलाता था।
मिन्नतें करने लगा सलीम
वर्दीधारी जीआरपी जवानों के विश्रामालय में पहुंचते ही दिल्ली पुलिस के तेवर कड़े हो गए। उसपर जीआरपी ने जैसे ही वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, दिल्ली पुलिस ने उनको मना कर दिया।
जीआरपी भी पीछे नहीं हटी तो डॉन सलीम ने जीआरपी जवानों से रिकॉर्डिंग न करने की मिन्नत की। डॉन ने कहा कि वह लोग पेशेवर अपराधी नहीं हैं, उनको तो बस फंसाया जा रहा है।
जीआरपी ने डॉन की एक भी न सुनी और रिकॉर्डिंग जारी रही। इस पर डॉन सलीम ने भाईयों और दिल्ली पुलिस को इशारा कर दिया। इशारा मिले ही झटपट दिल्ली पुलिस अपने हथियार लेकर घेरा बनाते हुए सीरियल किलर को लेकर बाहर चली गई।
थाना प्रभारी से हुई भिडंत
सीरियल किलर के पास काली टीशर्ट पहने एक युवक और जीआरपी प्रभारी त्रिपुरारी पांडे के बीच खासी नोंकझोंक भी हो गई। त्रिपुरारी पांडे ने उस व्यक्ति को हटने को कहा तो वह भिड़ गया।
इस पर त्रिपुरारी पांडे ने कहा कि नियमानुसार हाईरिस्क श्रेणी के बंदी होने के कारण सीरियल किलर को पेशी से वापस लौटते ही लॉकअप में रखा जाना चाहिए।
उसके बाद ही सुरक्षा व्यवस्था में उनको ट्रेन तक पहुंचाना होगा। सीरियल किलर की अपील करने पर थानाध्यक्ष ने चेतावनी देकर छोड़ दिया।