दो दिन पहले भटक कर लखनऊ के इंदिरा नहर में आई डॉल्फिन की शनिवार को दोपहर में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दम घुटने से मौत हो गई। वन विभाग के आला अधिकारियों ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
चिनहट के जुग्गौर में इंदिरा नहर रेगुलेटर के पास बीते दो दिनों से डॉल्फिन देखी जा रही थी। शुक्रवार को इसकी सूचना वन विभाग को दी। शाम होने के चलते महकमे ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अगले दिन पर टाल दिया। शनिवार की सुबह फिर डॉल्फिन दिखी तो इसकी सूचना रेंजर एमएस यादव को दी गई।
टीएसए के डॉ. शैलेन्द्र सिंह की टीम की अगुवाई में करीब दो घंटे की मशक्कत के डॉल्फिन काबू में आई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टीम केलोग उसे वाहनों में शिफ्ट कर ही रहे थे कि उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसे बचाने का प्रयास किया, पर उसकी मौत हो गई।
डीएफओ अवध मनोज सोनकर ने बताया कि कई बार शॉक लगने से रेस्क्यू के दौरान ऐसे हादसे हो जाते हैं। शुक्रवार को सूचना शाम को मिली थी। इसके कारण बचाव कार्य नहीं शुरू किया जा सका था।
गर्भवती थी मादा डाल्फिन, दम घुटने से हुई मौत
निदेशक प्राणि उद्यान आरके सिंह ने बताया कि डॉल्फिन का शव जू लाया गया था। उसका वजन 118 किलो से अधिक था। उसकी लंबाई 8 फीट थी। उसका पोस्टमार्टम डॉ. अशोक कश्यप और उनकी टीम ने किया। मौत का शुरुआती कारण दम घुटना (शॉक एसोसिएटेड विद एसपेक्सिया) पाया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान उसके गर्भ में मृत बच्चा पाया गया।
भारी-भरकम मछली को पकड़ने के लिए बड़े जाल का इस्तेमाल किया गया।
डॉल्फिन को इस तरह ले जाया गया।
पोस्टमार्टम में मौत का कारण दम घुटना बताया गया है।