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गोंडा : फर्जी स्टेनो बन कर रहा था वसूली, गिरफ्तार, डॉक्टर से मांगे 40 हजार रुपये गिरफ्तार
Sat, 14 Sep 2019 10:11 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 14 Sep 2019 10:11 PM IST
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फर्जी स्टेनो गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
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उपजिलाधिकारी सदर का फर्जी स्टेनो बनकर अवैध वसूली करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके पहले भी फर्जीवाड़े में कई की गिरफ्तारी पुलिस कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार ने बताया कि एसडीएम का फर्जी स्टेनो बनकर लोगों को मोबाइल करके पैसा मांगने वाले युवक को पकड़ा गया है और उसके विरुद्व मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार किया गया युवक बड़े पैमाने पर अवैध वसूली करने की तैयारी कर रहा था।
शहर में रिजा नाम से क्लीनिक चलाने वाले डॉ. मिनहाज अहमद को युवक ने एसडीएम सदर का स्टेनो बनकर फोन किया और कहा कि उनकी शिकायत मिली है। डॉ. मिनहाज से युवक ने मोबाइल पर ही मामले को रफादफा करने के लिए 40 हजार रुपये मांगे। युवक ने फोन पर अपना नाम एसडीएम सदर स्टेनो पीके यादव बताया।
बताया जा रहा है कि एसडीएम सदर के स्टेनो राम अशीष यादव हैं और उसने इसका फायदा उठाते हुए पीके यादव बताकर ठगी करने की रणनीति तैयार की। पुलिस अधीक्षक राजकरन नैय्यर को इसकी शिकायत मिली तो उन्होंने गोपनीय जांच करने के लिए स्वॉट टीम व सर्विलांस सेल को लगाया। स्वॉट टीम के प्रभारी अतुल चतुर्वेदी प्रभारी ने एक टीम बनाई और धोखाधड़ी करने वाले युवक की जांच शुरू की।
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शहर में रिजा नाम से क्लीनिक चलाने वाले डॉ. मिनहाज अहमद को युवक ने एसडीएम सदर का स्टेनो बनकर फोन किया और कहा कि उनकी शिकायत मिली है। डॉ. मिनहाज से युवक ने मोबाइल पर ही मामले को रफादफा करने के लिए 40 हजार रुपये मांगे। युवक ने फोन पर अपना नाम एसडीएम सदर स्टेनो पीके यादव बताया।
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बताया जा रहा है कि एसडीएम सदर के स्टेनो राम अशीष यादव हैं और उसने इसका फायदा उठाते हुए पीके यादव बताकर ठगी करने की रणनीति तैयार की। पुलिस अधीक्षक राजकरन नैय्यर को इसकी शिकायत मिली तो उन्होंने गोपनीय जांच करने के लिए स्वॉट टीम व सर्विलांस सेल को लगाया। स्वॉट टीम के प्रभारी अतुल चतुर्वेदी प्रभारी ने एक टीम बनाई और धोखाधड़ी करने वाले युवक की जांच शुरू की।
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टीम में उपनिरीक्षक शदाब आलम चौकी प्रभारी पांडेय बाजार के साथ ही मुख्य आरक्षी श्रीनाथ शुक्ल, मुलायम सिंह यादव, राजेन्द्र प्रसाद, अजीत चंद्र सिंह, अमित कुमार यादव, आदित्य पाल, राजू सिंह, रंजीत कुमार और सर्विलांस सेल के हृदय नारायण दीक्षित को शामिल किया गया।
जांच में पता चला कि तरबगंज थाना क्षेत्र के चंमसुहा बनगांव निवासी कमलनयन पांडेय एसडीएम सदर का फर्जी स्टेनो बनकर फोन कर रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली नगर में बताया कि डॉ. मिनहाज अहमद के मोबाइल पर पर 6 सितंबर को फोन किया गया था।
शिकायत को रफादफा करने के लिए फर्जी स्टोनों ने रुपये मांगे। उसने कहा कि वह अपना चपरासी को भेज कर रुपये मंगा लेगा। डॉ. मिनहाज अहमद ने स्टेनो से मिल कर बात करने को कहा तो उसने इन्कार कर दिया। शक होने पर डॉ. मिनहाज ने तहसील में पता किया और फिर पुलिस अधीक्षक को पूरा मामला बताया।
जांच में पता चला कि तरबगंज थाना क्षेत्र के चंमसुहा बनगांव निवासी कमलनयन पांडेय एसडीएम सदर का फर्जी स्टेनो बनकर फोन कर रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली नगर में बताया कि डॉ. मिनहाज अहमद के मोबाइल पर पर 6 सितंबर को फोन किया गया था।
शिकायत को रफादफा करने के लिए फर्जी स्टोनों ने रुपये मांगे। उसने कहा कि वह अपना चपरासी को भेज कर रुपये मंगा लेगा। डॉ. मिनहाज अहमद ने स्टेनो से मिल कर बात करने को कहा तो उसने इन्कार कर दिया। शक होने पर डॉ. मिनहाज ने तहसील में पता किया और फिर पुलिस अधीक्षक को पूरा मामला बताया।
आधा दर्जन मामले आ चुके हैं सामने
फर्जी अधिकारी और व्यक्ति बनकर फर्जीवाड़ा करने के आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस ने बीते महीनों में कई मामलों में कार्रवाई की है। आरपीएफ और जीआरसी ने फर्जीवाड़े में कार्रवाई की है। शहर के साथ ही मनकापुर व रगड़गंज में भी फर्जीवाड़ा करके टिकट बनाने का खेल उजागर हो चुका है। अब फर्जी स्टेनो बनकर वसूली करने का खुलासा होने पर पुलिस ने सर्तकता बढ़ा दी है।
एसडीएम का स्टेनो बनकर वसूली करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में उसने स्वीकार भी किया है कि उसने फोन करके पैसे की मांग की है। सर्विलांस सेल की मदद से वार्ता की पुष्टि भी की गई है। मामले की विवेचना नगर पुलिस कर रही है।
- महेन्द्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक
एसडीएम का स्टेनो बनकर वसूली करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में उसने स्वीकार भी किया है कि उसने फोन करके पैसे की मांग की है। सर्विलांस सेल की मदद से वार्ता की पुष्टि भी की गई है। मामले की विवेचना नगर पुलिस कर रही है।
- महेन्द्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक