{"_id":"6a21e4408da1b4c55c0d85ee","slug":"doctors-relieved-the-child-from-a-rare-disease-lucknow-news-c-13-lko1070-1767720-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: डॉक्टरों ने बच्चे को दुर्लभ बीमारी से दिलाई निजात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: डॉक्टरों ने बच्चे को दुर्लभ बीमारी से दिलाई निजात
विज्ञापन
लखनऊ। केजीएमयू के डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी कर दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त बच्चे को नई जिंदगी दी है। बच्चा जन्मजात बीमारी कोलेडोकल सिस्ट से ग्रस्त था। सर्जरी के बाद बच्चे की हालत में सुधार बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। कुलपति ने ऑपरेशन करने वाली टीम को बधाई दी है।
कानपुर निवासी गाैरव (11) लंबे समय से कोलेडोकल सिस्ट जन्मजात बीमारी से ग्रस्त था। परिजनों ने पहले कई अस्पतालों में दिखाया मगर राहत नहीं मिली। परिजनों ने बच्चे को बीती 5 मई को केजीएमयू की पीडियाट्रिक इमरजेंसी में भर्ती कराया था। जांच में पता चला कि बच्चे को कोलेडोकल सिस्ट है। जो पित्त नलिकाओं से जुड़ी एक दुर्लभ बीमारी है। समय पर इलाज न होने पर यह बीमारी लिवर की गंभीर समस्या का कारण बनती है। प्रो. जेडी रावत की टीम ने मरीज की स्थिति को देखते हुए रोबोटिक सर्जरी का फैसला लिया। 26 मई को रोबोट के जरिये सफल ऑपरेशन किया गया। इस प्रक्रिया में असामान्य पित्त नलिका को हटाकर लिवर से आंत तक पित्त के प्रवाह के लिए नया मार्ग बनाया गया। प्रो. जेडी रावत ने बताया ऑपरेशन के बाद बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया गया।
सर्जरी टीम में शामिल रहे डॉक्टर
प्रो. जेडी रावत, डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. कृति पटेल, डॉ. कृतिका, नर्सिंग स्टाफ रीता, संजय और रिंकेश शामिल रहे। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. आयुषी बग्गा की भी भूमिका रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर निवासी गाैरव (11) लंबे समय से कोलेडोकल सिस्ट जन्मजात बीमारी से ग्रस्त था। परिजनों ने पहले कई अस्पतालों में दिखाया मगर राहत नहीं मिली। परिजनों ने बच्चे को बीती 5 मई को केजीएमयू की पीडियाट्रिक इमरजेंसी में भर्ती कराया था। जांच में पता चला कि बच्चे को कोलेडोकल सिस्ट है। जो पित्त नलिकाओं से जुड़ी एक दुर्लभ बीमारी है। समय पर इलाज न होने पर यह बीमारी लिवर की गंभीर समस्या का कारण बनती है। प्रो. जेडी रावत की टीम ने मरीज की स्थिति को देखते हुए रोबोटिक सर्जरी का फैसला लिया। 26 मई को रोबोट के जरिये सफल ऑपरेशन किया गया। इस प्रक्रिया में असामान्य पित्त नलिका को हटाकर लिवर से आंत तक पित्त के प्रवाह के लिए नया मार्ग बनाया गया। प्रो. जेडी रावत ने बताया ऑपरेशन के बाद बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया गया।
विज्ञापन
सर्जरी टीम में शामिल रहे डॉक्टर
प्रो. जेडी रावत, डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. कृति पटेल, डॉ. कृतिका, नर्सिंग स्टाफ रीता, संजय और रिंकेश शामिल रहे। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. आयुषी बग्गा की भी भूमिका रही।
विज्ञापन