फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   doctors have to improve their behaviour with patients

डॉक्टरों को मरीजों से व्यवहार सुधारने की नसीहत

Sun, 03 Apr 2022 01:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 01:36 AM IST
विज्ञापन
doctors have to improve their behaviour with patients
केजीएमयू के कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने सभी डॉक्टर और रेजीडेंट को मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने की नसीहत दी है। विश्वविद्यालय के जनरल सर्जरी विभाग के 110वें स्थापना दिवस समारोह में गौरवशाली परंपरा कायम रखने के लिए उन्होंने मरीजों के साथ व्यवहार को सबसे अहम बताया। पिछले साल से विवि में शुरू किए गये फीडबैक फॉर्म व्यवस्था से मिले इनपुट को सार्वजनिक करते हुए उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीजों का कहना है कि ‘यहां इलाज तो ढंग से होता है, लेकिन कोई अच्छे से बात नहीं करता।’
विज्ञापन

शनिवार को आयोजित समारोह में कुलपति ने बताया कि संस्थान में व्यवस्था में सुधार के लिए डॉक्टर, कर्मचारी, स्टूडेंट और मरीज सभी से फीडबैक फॉर्म भरवाने की शुरुआत की गई है। इन फॉर्म के आधार पर जो तस्वीर सामने आई उसके अनुसार संस्थान में इलाज तो अच्छा होता है, लेकिन मरीज और उनके तीमारदारों के साथ खराब व्यवहार किया जाता है। कुलपति ने मरीज और तीमारदारों के साथ बेहतर तरीके से संवाद स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मरीज के साथ अच्छा संवाद और बेहतर व्यवहार बहुत जरूरी है। सोशल मीडिया के दौर में जरा सी बात कुछ ही समय में दुनिया भर में फैल जाती है। इससे संस्थान की छवि पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने विदेशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इलाज के अलावा काफी समय मरीज और उनके तीमारदारों के साथ बातचीत करने में भी बिताया जाता है। स्थापना दिवस समारोह में विभागाध्यक्ष प्रो. अभिनव अरुण सोनकर, शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. केके सिंह, प्रति कुलपति प्रो. विनीत शर्मा, सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार और डीन प्रो. उमा सिंह मौजूद रहीं। कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. पंकज सिंह ने सभी को धन्यवाद दिया।
विज्ञापन

खाली पद भरना जरूरी
सर्जरी के विभागाध्यक्ष प्रो. अभिनव अरुण सोनकर ने विभाग की वार्षिक रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि विभाग में कोरोना संक्रमण काल की वजह से मरीज की संख्या और सर्जरी में कुछ कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद यहां मरीजों की संख्या अन्य संस्थानों के मुकाबले बहुत ज्यादा है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान में जनरल सर्जरी के साथ ही विशिष्ट ऑपरेशन भी किए जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने विभाग के विकास के लिए नये भवन और खाली पदों पर भर्ती को जरूरी बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सर्जरी में हो इंटीग्रेटेड कोर्स की शुरुआत
आमंत्रित व्याख्यान के दौरान मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली के सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पवनेंद्र लाल ने कहा कि पिछले कुछ साल में सर्जरी की सीटों, प्रोफेसर और बेड की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। इस वजह से मास्टर ऑफ सर्जरी पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित तीन साल कम पड़ रहे हैं, जरूरी है कि एमएस और एमसीएच को मिलाकर छह साल का इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम तैयार किया जाए।

एक हजार से कम प्लेटलेट्स पर भी संभव है सर्जरी
एम्स दिल्ली के सर्जरी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील चुंबर ने इंपॉसिबल सर्जरी विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि कई बार संक्रमण और कुछ अज्ञात कारणों से शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या बेहद कम हो जाती है। यहां तक कि सामान्य तौर पर डेढ़ से दो लाख के बीच रहने वाली संख्या एक हजार तक पहुुंच जाती है। यह स्थिति सर्जरी के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है, लेकिन अब एक हजार से कम प्लेटलेट्स की सूरत में भी सर्जरी की जाने लगी है। इसके लिए विशिष्ट उपकरण और विशेषज्ञता की जरूरत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed