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लखनऊः डॉक्टर ने चादर का फंदा बना दी जान, ये थी वजह
Fri, 05 Jul 2019 05:04 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 05 Jul 2019 05:04 PM IST
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परिवारीजन
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के गाजीपुर थानाक्षेत्र के शक्तिनगर में डॉ. आकाश सिंह (37) ने फांसी लगा ली। घर के अंदर उनका शव चादर के फंदे के सहारे पंखे से लटकता मिला। भाई के मुताबिक, वे टीबी की बीमारी से परेशान थे। उधर, पॉलीटेक्निक के क्लर्क की पत्नी कुसुमा (32) ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी की है।
इंस्पेक्टर गाजीपुर बृजेश कुमार सिंह के मुताबिक, शक्तिनगर निवासी आकाश सिंह डॉक्टर थे। बीते दिनों उनके भाई विकास जयपुर गए थे। इस बीच डॉ. आकाश सिंह घर पर अकेले थे। बृहस्पतिवार सुबह विकास लौटे तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाते रहे पर जवाब नहीं मिला।
पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा। कमरे में फंदे पर आकाश का शव लटका देख अवाक रह गए। विकास ने बताया कि उनके भाई ने हाल ही में आगरा चिकित्सा विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्र्री पूरी की थी।
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इंस्पेक्टर गाजीपुर बृजेश कुमार सिंह के मुताबिक, शक्तिनगर निवासी आकाश सिंह डॉक्टर थे। बीते दिनों उनके भाई विकास जयपुर गए थे। इस बीच डॉ. आकाश सिंह घर पर अकेले थे। बृहस्पतिवार सुबह विकास लौटे तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाते रहे पर जवाब नहीं मिला।
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पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा। कमरे में फंदे पर आकाश का शव लटका देख अवाक रह गए। विकास ने बताया कि उनके भाई ने हाल ही में आगरा चिकित्सा विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्र्री पूरी की थी।
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जहरीला पदार्थ खाने की हुई पुष्टि
वहीं, इलाके पॉलीटेक्निक आवासीय परिसर में क्लर्क राजेश परिवार के साथ रहते हैं। पत्नी कुसुमा अवसादग्रस्त थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि बुधवार रात एकाएक कुसुमा की हालत बिगड़ने पर परिवारीजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां, डॉक्टरों ने जहरीला पदार्थ खाने की पुष्टि की।