गर्भस्थ शिशु की मौत, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
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कृष्णानगर स्थित शांति मेमोरियल एंड हेल्थ सोसायटी के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा है। तीमारदार का आरोप है कि गर्भवती को दर्द का इंजेक्शन देने से गर्भ में शिशु की मौत हुई है। तीमारदारों ने गृहमंत्री के प्रतिनिधि व सीएमओ से लिखित शिकायत करके कार्रवाई की मांग की है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
सरोजनीनगर निवासी रवि प्रसाद ने तीन नवंबर को अपनी गर्भवती पत्नी ज्योति को कृष्णानगर स्थित शांति मेमोरियल एंड हेल्थ सोसायटी में भर्ती कराया था। जांच के बाद महिला डॉक्टर ने पहले नॉर्मल डिलवरी कराने का झांसा दिया। पति रवि के मुताबिक ज्योति की तबीयत ठीक थी, फिर भी डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर उसे जबरन भर्ती कर लिया।
आरोप है कि डॉक्टर बृजेश सचान और उनकी सहयोगी महिला रोग विशेषज्ञ ज्योति को दर्द का इंजेक्शन देने लगे, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की बात कहकर 20 हजार रुपये काउंटर पर जमा करा लिए। पूरी रात कोई डॉक्टर नहीं आया। 4 नवंबर की सुबह डॉक्टरों ने ऑपरेशन से मना कर दूसरे अस्पताल ले जाने को कह दिया।
तीमारदार पीड़िता को लेकर दूसरे निजी अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड किया तो पता चला कि गर्भस्थ शिशु की सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने जच्चा की जान बचाने के लिए ऑपरेशन कर मृत शिशु को निकाला। पति रवि ने गृहमंत्री और सीएमओ से शिकायत की है। साथ ही कृष्णानगर थाने में डॉक्टरों पर गलत इलाज व वसूली का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
सांसद प्रतिनिधि ने भी सीएमओ को भेजा पत्र
डॉक्टर के लापरवाही से गर्भ में शिशु की मौत के मामले की जांच के लिए सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने सीएमओ को पत्र भेजा है। उन्होंने सीएमओ से मामले की गंभीरता से जांच कर आरोपित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
तीमारदारों के आरोप बेबुनियाद
तीमारदारों के आरोप बेबुनियाद हैं। इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं हुई है। तीमारदार अस्पताल को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। - डॉ. बृजेश, शांति मेमोरियल एंड हेल्थ सोसायटी