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केजीएमयू के डॉक्टर बोले, ‘सीएम से शिकायत करो या किसी और से, यहां ऐसे ही होगा इलाज’

Thu, 10 Jan 2019 06:13 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 10 Jan 2019 06:13 PM IST
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doctor abused a patient in kgmu.

हादसे में घायल राजाजीपुरम निवासी विवेक कुमार मिश्रा ने केजीएमयू ट्रॉमा के डॉक्टरों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। उनका कहना है कि ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रो. अजय सिंह और उनकी टीम ने उन्हें ऑपरेशन थियेटर से चार बार लौटा दिया। इतना ही नहीं उससे 30 हजार रुपये का सर्जिकल सामग्री भी खरीदवा ली।

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आरोप है कि चिकित्सक ने कहा कि सीएम से शिकायत करो या किसी और से यहां तो ऐसे ही इलाज होगा। गाली गलौज करते हुए उसे घायलावस्था में ट्रॉमा से भगा दिया गया। उसकी जांच रिपोर्ट भी नहीं लौटाई गई। पीड़ित की शिकायत पर शासन उप सचिव ने केजीएमयू कुलसचिव राजेश राय से रिपोर्ट मांगी है।
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पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी शिकायत में बताया कि दो दिसंबर को सड़क हादसे में वह घायल हो गया। परिवारीजन उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराए। जांच में कंधा टूटने तथा चार पसली टूटने की पुष्टि हुई। आपरेशन के लिए 30 हजार रुपये जमा कराए गए। उसे चार बार ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया और वापस कर दिया गया।
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इसका विरोध करने पर चिकित्सकों ने उसे भगा दिया। इस दौरान एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया। उसने मना कर दिया तो ऑपरेशन करने के बजाय ट्रॉमा से भगा दिया गया। भर्ती के दौरान हुई जांच की फाइल मांगी गई तो भी मना कर दिया गया।

पीड़ित ने दी आत्मदाह की चेतावनी

विवेक ने पूरे मामले की जांच कराने के साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि उसे न्याय नहीं मिला तो आत्मदाह कर लेगा। मरीज की इस शिकायत पर शासन उप सचिव कुलदीप कुमार रस्तोगी ने आठ जनवरी को केजीएमयू कुलसचिव को पत्र भेजा है।

इसमें कहा है कि चिकित्सक और उनकी टीम की ओर से मरीज के साथ बदसलूकी किए जाने के मामले की जांच कराएं। साथ ही कार्रवाई से अवगत कराएं। उप सचिव के निर्देश पर केजीएमयू प्रशासन ने प्रो. अजय सिंह के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

डॉक्टर से ले लिया गया है जवाब
मामले पर केजीएमयू के मीडिया प्रभारी प्रो. संतोष कुमार का कहना है कि शासन उपसचिव के पत्र का जवाब कुलसचिव की ओर से दिया जा रहा है। चिकित्सक से भी जवाब ले लिया गया है। अभद्रता या गाली गलौज जैसी बात नहीं है। सभी का इलाज किया जाता है। मरीज की स्थिति ऑपरेशन करने लायक नहीं रही होगी, इसलिए आपरेशन नहीं किया गया।

मरीज ने हमारे नाम से गलत शिकायत की

पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स एंड ट्रॉमा के प्रो. अजय सिंह ने कहा कि मरीज ने हमारे नाम से गलत शिकायत की है। उसके सभी आरोप निराधार हैं। उसका इलाज हमारी टीम के चिकित्सक ने किया था।

एनेस्थीसिया टीम की रिपोर्ट में मरीज की स्थिति ऑपरेशन करने लायक नहीं थी। इस वजह से ऑपरेशन नहीं किया गया। बिना एनेस्थेटिस्ट की सहमति के कोई भी ऑपरेशन नहीं किया जा सकता है। केजीएमयू प्रशासन को जवाब भेज दिया गया है। मरीज जिस पैसे की बात कर रहा है, उससे सर्जिकल सामग्री मंगाई गई थी।

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