DMRC को मिले लखनऊ मेट्रो के सारे अधिकार!
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मेट्रो रेल परियोजना के तहत पहले चरण में ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच मेट्रो के सिविल निर्माण कार्यों को कराने की अनुमति मिल गई है।
राज्य मंत्रिपरिषद ने इसके टेंडर के लिए बुधवार को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को अधिकृत कर दिया।
कॉर्पोरेशन को छूट दी गई है कि वह राज्य सरकार के नियमों के इतर डीएमआरसी के नियमों के आधार पर टेंडर प्रक्रिया का संचालन करे।
इसके अलावा, राजधानी में मवैया क्रॉसिंग के लिए कॉरिडोर की स्पेशल डिजाइन का परीक्षण प्रूफ चेकिंग एक्सपर्ट से कराने का फैसला भी किया गया।
सीएम की अध्यक्षता में हुआ फैसला
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में मेट्रो को लेकर अहम फैसला हुआ। ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक पहले चरण के निर्माण की अनुमति मिलने के बाद काम अब तेजी से होगा।
डीएमआरसी की ओर से पहले डिटेल्ड डिजाइन कंसलटेंट (डीडीसी) का चयन किया गया था। मगर प्रक्रिया को बीच में ही रोक दिया गया था।
अब कैबिनेट ने इसके टेंडर की इजाजत दे दी है। मवैया पर रेलवे पुल होने से मेट्रो कॉरिडोर को अतिरिक्त ऊंचाई दी जाएगी।
इसकी डिजाइन की प्रूफ चेकिंग के लिए भी लिमिटेड टेंडर किया जाएगा। इसके लिए एक्सपर्ट का चयन करने की अनुमति दी जाएगी।
डीएमआरसी को सारे अधिकार
नार्थ साउथ कॉरिडोर के पहले चरण में काम शुरू करने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक सिविल टेंडर आमंत्रित किए जाने हैं।
करीब 550 करोड़ रुपये की निविदा करने और बाद में इसका परीक्षण कर चयन की पूरी जिम्मेदारी डीएमआरसी को सौंपी गई है।
फैसला किया गया है कि पूरी निविदा प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश सरकार का कोई नियम नहीं लागू होगा। सभी नियम डीएमआरसी के होंगे।
मेट्रो रेल परियोजना के वित्तीय नियमों के अनुरूप ही पूरी कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान सामने आने वाली किसी भी तरह की परेशानी से निपटने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया जाएगा।