लखनऊ। पेन मेडिसिन में बड़ी सर्जरी की जरूरत कम पड़ती है। इन आधुनिक विधि से मरीजों को जल्दी राहत मिलती है। दवाओं पर निर्भरता घटती है और मरीज जल्द सामान्य जीवन में लौटते हैं। लंबे समय तक रहने वाला दर्द यानी क्रॉनिक पेन आज तेजी से बड़ी बीमारी बनता जा रहा है। इससे निजात दिलाने में पेन मेडिसिन बेहद अहम है। ये बातें इंडियन अकादमी ऑफ पेन मेडिसिन के डीन मेजर पंकज एन. सुरंगे ने कहीं। मौका था शनिवार को लोहिया संस्थान में ‘एडवांसेज इन पेन मेडिसिन’ विषय पर हुई सीएमई का। कार्यक्रम में देशभर से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विभिन्न बीमारियों में दर्द के आधुनिक प्रक्रिया से निजात दिलाने और कम चीरा लगाने वाले इलाजों पर खासतौर से चर्चा की। आयोजन अध्यक्ष पीके दास ने बताया कि लोहिया संस्थान ने पेन मेडिसिन में डीएम कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किया है। इस पर जल्द ही मुहर लगेगी। इस दौरान मुंबई के डीवाई पाटिल विवि के डॉ. सिद्दार्थ वर्मा, पुणे से डॉ. संजोग माकेवर राष्ट्रीय फैकल्टी के रूप में मौजूद रहे।

लोहिया संस्थान में ‘एडवांसेज इन पेन मेडिसिन’ विषय पर हुई सीएमई में जुटे डॉक्टर।

लोहिया संस्थान में ‘एडवांसेज इन पेन मेडिसिन’ विषय पर हुई सीएमई में जुटे डॉक्टर।

लोहिया संस्थान में ‘एडवांसेज इन पेन मेडिसिन’ विषय पर हुई सीएमई में जुटे डॉक्टर।

लोहिया संस्थान में ‘एडवांसेज इन पेन मेडिसिन’ विषय पर हुई सीएमई में जुटे डॉक्टर।

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