डीएम-एसएसपी ने जेल में मारा छापा, खुल गई सुरक्षा की पोल
लखनऊ के डीएम व एसएसपी ने लखनऊ जेल में छापा मारा और जब वहां से सुरक्षा इंतजाम देखे तो हर जगह लापरवाही नजर आई। शुक्रवार को डीएम कौशल राज शर्मा और एसएसपी दीपक कुमार ने जेल का निरीक्षण किया तो जेल के कई हिस्सों में फोर जी नेटवर्क चलता मिला।
डीएम ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक को जैमर की क्षमता बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग स्टोरेज करने की क्षमता तीन महीने करने के लिए भी शासन से संपर्क करने की बात कही।
इस मौके पर अधिकारियों ने मुलाहिजा व हाई सिक्योरिटी बैरक, महिला बैरक, किशोर सदन, सर्किल व अस्पताल की तलाशी के साथ ही साफ-सफाई के इंतजाम देखे।
दोपहर करीब सवा बारह बजे जेल पहुंचे एसएसपी और डीएम ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय के साथ लगभग सवा घंटे तक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। सबसे पहले जेल में लगे 24 जैमर देखे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि जैमर थ्री जी मोबाइल नेटवर्क तक की क्षमता के हैं।
डीएम ने जैमरों की क्षमता बढ़ाकर फोर जी करने के लिए शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए। सीसीटीवी कैमरों के कंट्रोलरूम के निरीक्षण में पता चला कि रिकॉर्डिंग की स्टोरेज क्षमता कम है।
रिकॉर्डिंग स्टोरेज करने की बात कही
एसएसपी ने कम से कम तीन महीने की रिकॉर्डिंग स्टोरेज करने की बात कही जिस पर डीएम ने जेल प्रशासन को शासन को पत्र लिखने के लिए कहा। अधिकारियों ने महिलाओं की कुछ बैरकों का निरीक्षण किया तो कुछ बैरकें खाली मिलीं। उनकी साफ-सफाई कराने और पानी का इंतजाम सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
साफ-सफाई पर सर्किल जेलर की पीठ ठोंकी
सर्किल में साफ-सफाई देख डीएम और एसएसपी खासे प्रभावित हुए। डीएम ने साफ-सफाई के लिए सर्किल जेलर सत्य प्रकाश सिंह की पीठ भी ठोंकी। उनका उदाहरण देते हुए सभी जेलकर्मियों को सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।