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Lucknow News: जिला अस्पताल को मिलेंगे रेजीडेंट डॉक्टर, इलाज के साथ करेंगे पढ़ाई
Wed, 20 Sep 2023 01:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 20 Sep 2023 01:09 AM IST
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रायबरेली का जिला अस्पताल।
रायबरेली। एम्स व अन्य सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटलों की तरह अब जिला अस्पताल को भी जूनियर व सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर मिलेंगे। पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की पढ़ाई के साथ ही डॉक्टर मरीजों का इलाज करेंगे। डिप्लोमेट नेशनल बोर्ड (डीएनबी) के तीन वर्षीय कोर्स के लिए हरी झंडी मिलने के बाद जिला महिला और पुरुष अस्पताल का रजिस्ट्रेशन कराया गया है। दोनों ही अस्पतालों के सात विभागों में इस कोर्स की पढ़ाई होगी। नेशनल मेडिकल कौंसिल (एनएमसी) से अनुमति मिलते ही पीजी की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। यह सुविधा मिलने के बाद अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद डॉक्टरों को विशेषज्ञ चिकित्सक बनने के लिए पीजी की पढ़ाई करनी पड़ती है। इसके लिए एम्स, एसजीपीजीआई, मेडिकल कॉलेज सहित अन्य बड़े अस्पतालों में ही अब तक यह सुविधा उपलब्ध थी। शासन ने अब जिला अस्पतालों में भी पीजी की पढ़ाई की व्यवस्था कर दी है। इसके लिए जिला महिला और पुरुष अस्पताल को डीएनबी कोर्स शुरू कराने की अनुमति मिली है। जल्द ही स्टेट की टीम मानकों की जांच करके एनएमसी से अनुमति दिलाकर पीजी की पढ़ाई शुरू कराएगी। डीएनबी की पढ़ाई करने के लिए जूनियर रेजीडेंट व सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर जिला अस्पताल को मिलेगे। चिकित्सक पढ़ाई के साथ ही मरीजों का इलाज भी करेंगे।
इन विभागों में करेंगे पीजी की पढ़ाई
जिला पुरुष अस्पताल के जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, नाक कान गला विभाग, नेत्र विभाग और बाल रोग विभागों में डीएनबी का तीन वर्षीय कोर्स करेंगे। इसके अलावा जिला महिला अस्पताल में स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग, बाल रोग विभाग और एनेस्थीसिया विभाग में रेजीडेंट डॉक्टर पढ़ाई करेंगे।
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सीएचओ हाॅल में लाइब्रेरी के साथ चलेंगी पीजी की कक्षाएं
जिला अस्पताल स्थित सीएचओ हाॅल में लाइब्रेरी बनाई जाएगी। साथ ही डीएनबी की कक्षाएं चलाने के लिए क्लास रूम भी बनेगा। कांफ्रेंस हाॅल, लेक्चर हाल आदि की व्यवस्था होगी। रेजीडेंट डॉक्टरों के रुकने के लिए अलग से हॉस्टल की व्यवस्था कराई जाएगी। हर विभाग के लिए दो-दो रेजीडेंट डॉक्टर पढ़ाई के लिए मिल सकते हैं।
एम्स में पीजी की पढ़ाई के लिए 33 सीटें एलॉट
एम्स में पीजी की पढ़ाई पहले से ही चल रही है। यहां पीजी के लिए 33 सीटें एलॉट हैं। दूसरे बैच की पढ़ाई भी शुरू हो गई है। पीजी की पढ़ाई करने वाले रेजीडेंट डॉक्टर मरीजों का इलाज भी कर रहे हैं। इसी तरह जिला अस्पताल में भी पढ़ाई के साथ ही डॉक्टर मरीजों का इलाज करेंगे, जिससे बड़ी राहत मिलेगी।
मरीजों को फायदा
पीजी (डीएनबी) कोर्स की पढ़ाई के लिए अस्पताल का चयन हुआ है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही सारे बंदोबस्त होने और एनएमसी से अनुमति मिलने के बाद कोर्स शुरू कराया जाएगा। इससे मरीजों को और बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। - डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल
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एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद डॉक्टरों को विशेषज्ञ चिकित्सक बनने के लिए पीजी की पढ़ाई करनी पड़ती है। इसके लिए एम्स, एसजीपीजीआई, मेडिकल कॉलेज सहित अन्य बड़े अस्पतालों में ही अब तक यह सुविधा उपलब्ध थी। शासन ने अब जिला अस्पतालों में भी पीजी की पढ़ाई की व्यवस्था कर दी है। इसके लिए जिला महिला और पुरुष अस्पताल को डीएनबी कोर्स शुरू कराने की अनुमति मिली है। जल्द ही स्टेट की टीम मानकों की जांच करके एनएमसी से अनुमति दिलाकर पीजी की पढ़ाई शुरू कराएगी। डीएनबी की पढ़ाई करने के लिए जूनियर रेजीडेंट व सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर जिला अस्पताल को मिलेगे। चिकित्सक पढ़ाई के साथ ही मरीजों का इलाज भी करेंगे।
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इन विभागों में करेंगे पीजी की पढ़ाई
जिला पुरुष अस्पताल के जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, नाक कान गला विभाग, नेत्र विभाग और बाल रोग विभागों में डीएनबी का तीन वर्षीय कोर्स करेंगे। इसके अलावा जिला महिला अस्पताल में स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग, बाल रोग विभाग और एनेस्थीसिया विभाग में रेजीडेंट डॉक्टर पढ़ाई करेंगे।
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सीएचओ हाॅल में लाइब्रेरी के साथ चलेंगी पीजी की कक्षाएं
जिला अस्पताल स्थित सीएचओ हाॅल में लाइब्रेरी बनाई जाएगी। साथ ही डीएनबी की कक्षाएं चलाने के लिए क्लास रूम भी बनेगा। कांफ्रेंस हाॅल, लेक्चर हाल आदि की व्यवस्था होगी। रेजीडेंट डॉक्टरों के रुकने के लिए अलग से हॉस्टल की व्यवस्था कराई जाएगी। हर विभाग के लिए दो-दो रेजीडेंट डॉक्टर पढ़ाई के लिए मिल सकते हैं।
एम्स में पीजी की पढ़ाई के लिए 33 सीटें एलॉट
एम्स में पीजी की पढ़ाई पहले से ही चल रही है। यहां पीजी के लिए 33 सीटें एलॉट हैं। दूसरे बैच की पढ़ाई भी शुरू हो गई है। पीजी की पढ़ाई करने वाले रेजीडेंट डॉक्टर मरीजों का इलाज भी कर रहे हैं। इसी तरह जिला अस्पताल में भी पढ़ाई के साथ ही डॉक्टर मरीजों का इलाज करेंगे, जिससे बड़ी राहत मिलेगी।
मरीजों को फायदा
पीजी (डीएनबी) कोर्स की पढ़ाई के लिए अस्पताल का चयन हुआ है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही सारे बंदोबस्त होने और एनएमसी से अनुमति मिलने के बाद कोर्स शुरू कराया जाएगा। इससे मरीजों को और बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। - डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल