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Lucknow News: जिला शुल्क नियामक समिति ने बनाया गजब का नियम, जिस पर आरोप, उसी को जांच

Sun, 12 Apr 2026 01:22 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 01:22 AM IST
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District Fee Regulatory Committee Formulates Bizarre Rule: The Accused Investigates Themselves
एआई तस्वीर।
लखनऊ। जिला शुल्क नियामक समिति के एक फैसले ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में बनी समिति ने गजब का नियम बनाया है कि छात्र और अभिभावक अपनी शिकायत सबसे पहले संबंधित विद्यालय के प्रधान के समक्ष ही दर्ज कराएं। इस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि जिन विद्यालयों पर मनमानी शुल्क वसूली और यूनिफॉर्म को लेकर दबाव बनाने के आरोप हैं, उन्हीं को प्रारंभिक जांच का अधिकार दे दिया गया है। ऐसे में निष्पक्षता को लेकर अभिभावकों में असंतोष है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, समिति के तहत विद्यालय के छात्र या सरंक्षक, अभिभावक अध्यापक एसोसिएशन को सबसे पहले विद्यालय प्रधान के समक्ष शिकायत करनी होगी। उचित कार्रवाई नहीं होने पर जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष शिकायत कर सकते हैं।
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अभिभावक कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जिन विद्यालयों पर अतिरिक्त शुल्क और विशेष दुकानों से यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाने जैसे आरोप हैं, वे स्वयं अपनी जांच कैसे निष्पक्ष रूप से कर सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर या ईमेल आईडी जारी की जानी चाहिए, ताकि अभिभावकों को सीधी राहत मिल सके।
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समिति के प्रमुख निर्देश

- नए सत्र से 60 दिन पहले फीस का पूरा विवरण वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
- निर्धारित शुल्क का विवरण जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को देना जरूरी होगा।

- पांच वर्ष से पहले यूनिफॉर्म बदलने पर रोक रहेगी।
- विशेष दुकानों से किताबें, जूते-मोजे या यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव नहीं बनाया जाएगा।

- कैपिटेशन फीस पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा और हर भुगतान की रसीद देना अनिवार्य होगा।
- फीस मासिक, त्रैमासिक या अर्द्धवार्षिक किस्तों में ली जाएगी, वार्षिक शुल्क पर रोक रहेगी।

- शिकायत सही पाए जाने पर पहली बार एक लाख, दूसरी बार पांच लाख रुपये का जुर्माना और तीसरी बार मान्यता रद्द की जाएगी।
- नियमों का पालन न करने पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।


एडीएम, एसडीएम व डीआईओएस को कर सकते हैं शिकायत
जिलाधिकारी विशाख जी के अनुसार विद्यालय की मनमानी, शुल्क और यूनिफॉर्म के संबंध में बच्चों व अभिभावकों की किसी तरह की शिकायत हो तो वह एडीएम आपूर्ति, एसडीएम व डीआईओएस को भी कर सकते हैं। उनकी शिकायत गोपनीय रखी जाएगी।

एआई तस्वीर।

एआई तस्वीर।

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