सोनभद्र-संभल मामले में विधान परिषद से लेकर राज्यसभा तक हंगामा
सोनभद्र गोलीकांड और संभल में तीन बंदियों को छुड़ाने के लिए दो पुलिसकर्मियों की हत्याओं के विरोध में बृहस्पतिवार को विधान परिषद से लेकर राज्यसभा तक हंगामा हुआ। इन मु्द्दों पर मानसून सत्र के पहले दिन विधान परिषद की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। वहीं विधानभवन परिसर में सपा के विधायकों ने लगभग एक घंटा-प्रदर्शन किया।
गुरुवार को विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही सपा के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच सभापति रमेश यादव ने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की, लेकिन शोरशराबे के बीच प्रश्नकाल नहीं हो सका। हंगामा कर रहे सपा के सदस्यों ने आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों का भी मामला उठाया। बार-बार हंगामे को देखते हुए सभापति को शुक्रवार तक के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी और विधान परिषद में नेता विरोधी अहमद हसन की अगुवाई में दोनों सदनों के सदस्यों ने विधानभवन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। सपा के सदस्य ने हाथों में भाजपा सरकार विरोधी तख्तियां लेकर नरेबाजी की।
अहमद हसन ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था अपराधियों के हाथों बिक चुकी है। रामगोविन्द ने कहा कि अखिलेश यादव का यह कथन सत्य साबित हुआ कि सरकार के मुखिया चुनाव के समय जो कहते थे, प्रदेश में आज वही हो रहा है। जनता पुलिस को ठोक रही है और पुलिस जनता को।
राज्यसभा में सपा के सांसद इन मामलों पर चर्चा व सरकार से जवाब चाहते थे, जबकि सभापति एम. वेंकैया नायडू ने इसे राज्य का मामला बताकर अनुमति नहीं दी। इस पर सांसद वेल में चले गए। उसके बाद कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सपा के प्रो. रामगोपाल यादव ने कहा कि यूपी में जंगलराज है। इस पर सभापति ने आपत्ति जताई। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि राज्यों का मुद्दा सदन में नहीं उठाया जा सकता है।