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Lucknow News: 7.5 लाख के लेनदेन का विवाद, डॉक्टर संदिग्ध हालात में लापता
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7.5 लाख के लेनदेन का विवाद, डॉक्टर संदिग्ध हालात में लापता
मड़ियांव। अन्ना मार्केट निवासी बीएएमएस डॉक्टर सत्यरत्न पांच अक्तूबर को कार से घर से निकले और संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। उनकी पत्नी डॉक्टर शिप्रा देवी ने एक युवक और कुछ अज्ञात लोगों पर पति के अपहरण का आरोप लगाते हुए मड़ियांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस की जांच में 7.5 लाख रुपये के लेनदेन का विवाद सामने आया है। डॉक्टर की तलाश में पुलिस टीम जुटी है।
शिप्रा देवी के अनुसार, पांच अक्तूबर को सत्यरत्न बिना कुछ बताए कार से निकले थे। दोपहर में चिनहट के कमता निवासी प्रखर पांडेय उनके घर पहुंचा। उसने बताया कि सत्यरत्न ने फोन कर कहा है कि हजरतगंज इलाके में दो स्कॉर्पियो सवार लोग उनका पीछा कर रहे हैं। इसके बाद प्रखर चला गया। शिप्रा ने पति को फोन किया तो मोबाइल बंद था। शाम करीब छह बजे सत्यरत्न के मोबाइल से शिप्रा को एक ऑडियो संदेश मिला, जिसमें उनके अपहरण की बात कही गई थी। इसके बाद उन्होंने प्रखर पांडेय और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्र ने बताया कि छानबीन में पता चला कि सत्यरत्न ने एक व्यक्ति से उसकी बहन को लोहिया अस्पताल में नौकरी लगवाने के नाम पर 7.5 लाख रुपये लिए थे। पांच अक्तूबर को उसे नियुक्ति पत्र देने की बात कही गई थी। सर्विलांस से सत्यरत्न के मोबाइल की लोकेशन हजरतगंज के अलावा कई अन्य स्थानों पर मिली है। नामजद प्रखर पांडेय से भी उसी दिन सत्यरत्न के खाते में 17 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने की जानकारी मिली है। यह भी पता चला है कि सत्यरत्न ने कुछ अन्य लोगों से भी रुपये ले रखे हैं। पुलिस टीम डॉक्टर की तलाश में जुटी है।
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शिप्रा देवी के अनुसार, पांच अक्तूबर को सत्यरत्न बिना कुछ बताए कार से निकले थे। दोपहर में चिनहट के कमता निवासी प्रखर पांडेय उनके घर पहुंचा। उसने बताया कि सत्यरत्न ने फोन कर कहा है कि हजरतगंज इलाके में दो स्कॉर्पियो सवार लोग उनका पीछा कर रहे हैं। इसके बाद प्रखर चला गया। शिप्रा ने पति को फोन किया तो मोबाइल बंद था। शाम करीब छह बजे सत्यरत्न के मोबाइल से शिप्रा को एक ऑडियो संदेश मिला, जिसमें उनके अपहरण की बात कही गई थी। इसके बाद उन्होंने प्रखर पांडेय और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
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इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्र ने बताया कि छानबीन में पता चला कि सत्यरत्न ने एक व्यक्ति से उसकी बहन को लोहिया अस्पताल में नौकरी लगवाने के नाम पर 7.5 लाख रुपये लिए थे। पांच अक्तूबर को उसे नियुक्ति पत्र देने की बात कही गई थी। सर्विलांस से सत्यरत्न के मोबाइल की लोकेशन हजरतगंज के अलावा कई अन्य स्थानों पर मिली है। नामजद प्रखर पांडेय से भी उसी दिन सत्यरत्न के खाते में 17 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने की जानकारी मिली है। यह भी पता चला है कि सत्यरत्न ने कुछ अन्य लोगों से भी रुपये ले रखे हैं। पुलिस टीम डॉक्टर की तलाश में जुटी है।
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