बेटे और देवर को बचाने के लिए उसने खा ली गोली
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इटौंजा में जमीन विवाद के चलते पड़ोसी ने एक महिला को गोली से उड़ा दिया। पुलिस ने आरोपी को उसके भाई समेत गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, कस्बा इटौंजा के पांडेय टोला में सुधा पांडेय (58) का घर के पास स्थित जमीन पर कब्जे को लेकर पड़ोसी उमाकांत मिश्रा उर्फ सोनू से विवाद चल रहा था।
तहसील में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी सुधा पांडेय स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बृहस्पतिवार सुबह अपने घर के पुनर्निर्माण के दौरान निकली मिट्टी गली में डलवा रही थीं। इस बीच मौके पर पहुंचे उमाकांत ने विरोध जताया।
इस तरह बढ़ा विवाद
दोनों पक्षों में झगड़ा होने लगा। इस दौरान सुधा का बेटा आशीष व देवर हरिशंकर भी आ गया। बात बढ़ने पर उमाकांत अपने घर चला गया और तमंचा लेकर छत पर जा पहुंचा। वहां से आशीष व हरिशंकर को निशाना बनाकर फायर करने जा रहे था कि सुधा की नजर पड़ गई।
बेटे व देवर को बचाने के इरादे से सुधा आगे आ गई और तमंचे से निकली गोली उसके सीने में जा लगी। गोली चलने से भगदड़ मच गई। आशीष ने पुलिस को सूचना दी और सुधा को ट्रॉमा सेंटर ले गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
बुलाई गई पीएसी
पुलिस ने सुधा के छोटे बेटे शुभम पांडेय उर्फ राहुल की तहरीर पर उमाकांत मिश्रा उर्फ सोनू, उसके भाई सुनील, अनिल, रमाकांत, सुशील कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके कई स्थानों पर दबिश दी। गांव में तनातनी के चलते पुलिस व पीएसी की ड्यूटी लगाई गई।
रिश्तेदारों ने कातिलों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए अंत्येष्टि न करने की बात के साथ हंगामा शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने ताबड़तोड़ छापामारी कर कई लोगों को हिरासत में लिया और देर रात उमाकांत व सुशील को वारदात में इस्तेमाल तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया।
अन्य की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर परिवार को शांत कराया। इस पर शुक्रवार सुबह सुधा की अंत्येष्टि हुई। परिवार के मुताबिक, सुधा के पति लक्ष्मीशंकर की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी है।
सुधा ने पति के स्थान पर तहसील में नौकरी करके अपनी दोनों बेटियों प्रति व छाया तथा बड़े बेटे आशीष की शादी कराई। छोटा शुभम अभी अविवाहित है।