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Lucknow News: तीन महीने में होनी थी, 33 माह बाद हुई दिशा की बैठक
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दिशा की बैठक।
लखनऊ। हर तीन में होने वाली जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक इस बार करीब 33 महीने के लंबे अंतराल के बाद हुई। विकासभवन सभागार में हुई बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के विकास और जनकल्याण की विभिन्न योजनाओं पर मंथन तो हुआ तो बैठक में विपक्ष के सांसद और विधायकों समेत कई जनप्रतिनिधियों की गैरहाजिरी चर्चा का विषय बनी रही। कमेटी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी बैठक में शामिल नहीं हो सके। उनकी जगह सह अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा ने अध्यक्षता की। दोपहर 2 बजे शुरू हुई बैठक शाम 4:55 बजे तक चली।
सपा सांसद आरके चौधरी और दो विधायक अरमान खान व रविदास मेहरोत्रा इस बैठक से नदारद रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष भी नहीं पहुंचीं। सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की लंबी लिस्ट होने के बाद भी उपस्थिति सीमित रही। बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला, मलिहाबाद विधायक जयदेवी और महापौर सुषमा खर्कवाल ने उपस्थिति दर्ज कराई, मगर अधिकांश विधायक, एमएलसी, सांसद और ब्लॉक प्रमुख अनुपस्थित रहे। ब्लॉक प्रमुखों में केवल गोसाईंगंज और मोहनलालगंज के प्रमुख मौजूद रहे, जबकि कुछ जनप्रतिनिधियों ने अपने प्रतिनिधियों को भेजा। कुल मिलाकर बैठक में विकास के मुद्दों चर्चा के लिए जनप्रतिनिधियों ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। बैठक में डीएम विशाख जी, सीडीओ अजय जैन, परियोजना निदेशक विकास, डीडीओ अजीत कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में प्रमुख निर्णय और निर्देश
- योजनाओं के क्रियान्वयन व सत्यापन में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अनिवार्य।
- ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाएं।
- किसान पाठशाला की ग्रामवार फोटो सूची जनप्रतिनिधियों को दें।
- सड़कों की खोदाई के बाद समयबद्ध रिस्टोरेशन सुनिश्चित करे।
- डूडा की सड़कों की थर्ड पार्टी जांच कराई जाएगी।
- नहरों की सफाई/डीसिल्टिंग मानसून से पहले पूरी करें।
- पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क निर्माण के लिए धन सीधे संबंधित एजेंसियों को देने का प्रस्ताव।
- सभी योजनाओं का लाभ पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से पात्रों तक पहुंचाने पर जोर।
बैठक न होने का असर
- विकास कार्यों की समीक्षा प्रभावित
- योजनाओं में देरी और समन्वय की कमी
- जनसमस्याओं का समाधान लंबित
- जवाबदेही और निगरानी तंत्र कमजोर
इमरजेंसी कार्य के कारण नहीं पहुंच सके : अरमान खान
सपा विधायक अरमान खान ने बताया कि उनके क्षेत्र में एक इमरजेंसी कार्य पड़ गया था। इस कारण वह बैठक में शामिल नहीं हो सके, लेकिन स्मार्ट मीटर, नाला सफाई से लोगों को हो रही दिक्कत के लिए लिखे पत्र के साथ अपने जनप्रतिनिधि रमेश राही को बैठक में भेजा था।
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विकासनगर अग्निकांड का मुद्दा भी उठा
बैठक में विकासनगर अग्निकांड का मामला भी उठा। सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने इस मुद्दे को लेकर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता व अन्य अन्य अधिकारियों को आडे़ हाथों लिया। साथ ही सवाल उठाया कि बिजली विभाग के अधिकारी क्या बिना जांच-पड़ताल के कनेक्शन देते हैं। उन्होंने अधिकारियों से कार्य में सुधार लाने के भी निर्देश दिए।
अध्यक्षी कार्यकाल की पहली बैठक में नहीं पहुंच सके रक्षा मंत्री
दिशा की बैठक इससे पहले 22 जुलाई 2023 को हुई थी। तब इस कमेटी के अध्यक्ष तत्कालीन सांसद कौशल किशोर थे। 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद से कमेटी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह हैं। उनके कार्यकाल की यह पहली बैठक थी, लेकिन वह शामिल नहीं हो सके।
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सपा सांसद आरके चौधरी और दो विधायक अरमान खान व रविदास मेहरोत्रा इस बैठक से नदारद रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष भी नहीं पहुंचीं। सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की लंबी लिस्ट होने के बाद भी उपस्थिति सीमित रही। बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला, मलिहाबाद विधायक जयदेवी और महापौर सुषमा खर्कवाल ने उपस्थिति दर्ज कराई, मगर अधिकांश विधायक, एमएलसी, सांसद और ब्लॉक प्रमुख अनुपस्थित रहे। ब्लॉक प्रमुखों में केवल गोसाईंगंज और मोहनलालगंज के प्रमुख मौजूद रहे, जबकि कुछ जनप्रतिनिधियों ने अपने प्रतिनिधियों को भेजा। कुल मिलाकर बैठक में विकास के मुद्दों चर्चा के लिए जनप्रतिनिधियों ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। बैठक में डीएम विशाख जी, सीडीओ अजय जैन, परियोजना निदेशक विकास, डीडीओ अजीत कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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बैठक में प्रमुख निर्णय और निर्देश
- योजनाओं के क्रियान्वयन व सत्यापन में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अनिवार्य।
- ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाएं।
- किसान पाठशाला की ग्रामवार फोटो सूची जनप्रतिनिधियों को दें।
- सड़कों की खोदाई के बाद समयबद्ध रिस्टोरेशन सुनिश्चित करे।
- डूडा की सड़कों की थर्ड पार्टी जांच कराई जाएगी।
- नहरों की सफाई/डीसिल्टिंग मानसून से पहले पूरी करें।
- पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क निर्माण के लिए धन सीधे संबंधित एजेंसियों को देने का प्रस्ताव।
- सभी योजनाओं का लाभ पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से पात्रों तक पहुंचाने पर जोर।
बैठक न होने का असर
- विकास कार्यों की समीक्षा प्रभावित
- योजनाओं में देरी और समन्वय की कमी
- जनसमस्याओं का समाधान लंबित
- जवाबदेही और निगरानी तंत्र कमजोर
इमरजेंसी कार्य के कारण नहीं पहुंच सके : अरमान खान
सपा विधायक अरमान खान ने बताया कि उनके क्षेत्र में एक इमरजेंसी कार्य पड़ गया था। इस कारण वह बैठक में शामिल नहीं हो सके, लेकिन स्मार्ट मीटर, नाला सफाई से लोगों को हो रही दिक्कत के लिए लिखे पत्र के साथ अपने जनप्रतिनिधि रमेश राही को बैठक में भेजा था।
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विकासनगर अग्निकांड का मुद्दा भी उठा
बैठक में विकासनगर अग्निकांड का मामला भी उठा। सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने इस मुद्दे को लेकर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता व अन्य अन्य अधिकारियों को आडे़ हाथों लिया। साथ ही सवाल उठाया कि बिजली विभाग के अधिकारी क्या बिना जांच-पड़ताल के कनेक्शन देते हैं। उन्होंने अधिकारियों से कार्य में सुधार लाने के भी निर्देश दिए।
अध्यक्षी कार्यकाल की पहली बैठक में नहीं पहुंच सके रक्षा मंत्री
दिशा की बैठक इससे पहले 22 जुलाई 2023 को हुई थी। तब इस कमेटी के अध्यक्ष तत्कालीन सांसद कौशल किशोर थे। 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद से कमेटी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह हैं। उनके कार्यकाल की यह पहली बैठक थी, लेकिन वह शामिल नहीं हो सके।

दिशा की बैठक।

दिशा की बैठक।

दिशा की बैठक।