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धान की उत्पादकता बढ़ाने पर मंथन: बैठक में कृषि मंत्री सहित शामिल हुए वैज्ञानिक
Sat, 22 Apr 2023 07:13 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 22 Apr 2023 07:13 PM IST
सार
यूपी के कृषि मंत्री के आवास पर शनिवार को हुई बैठक में धान की उत्पादकता बढ़ाने पर चर्चा की गई। बैठक में धान की उत्पादकता और गुणवत्ता के लिए बनाई गई रणनीति पर अमल करने पर सहमति बनी।
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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप साही।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कृषि मंत्री उत्तर प्रदेश सूर्य प्रताप साही के राजकीय आवास पर अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (इर्री) के महानिदेशक डॉक्टर जीन बेली, मुख्यमंत्री योगी के कृषि सलाहकार डॉक्टर के वी राजू, महानिदेशक उपकार के डॉक्टर संजय सिंह, इर्री वाराणसी के निदेशक सुधांशु सिंह एवं कृषि के वरिष्ठतम अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
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बैठक में प्रदेश के नौ एग्रोक्लाइमेटिक ज़ोन के हिसाब से धान की उत्पादकता बढ़ाने हेतु विचार विमर्श हुआ। प्रदेश में 60 लाख हेक्टेअर क्षेत्र में धान की खेती की जा रही है जिसमें से लगभग 30 लाख हेक्टेअर क्षेत्र में 50 प्रतिशत अधिक उत्पादन के लिए उच्च गुणवत्ता युक्त बीज, ढैंचा (हरी खाद), जिप्सम एवं सामयिक कृषि कार्यों से उत्पादन बढ़ाया जाएगा। धान की उत्पादकता, एरोमा, गुणवत्ता बढ़ाने हेतु रणनीति पर कार्य हेतु सहमति बनी।
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इर्री के साथ प्रदेश के 89 केवी के साथ वैज्ञानिकों एवं कृषि अधिकारियों के क्षमता विकास बढ़ाने पर भी चर्चा की गयी। चावल की गुणवत्ता में पेस्टीसाइड रेसिड्यू के आकलन पर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला इर्री में उपलब्ध है। उस के प्रयोग पर जोर दिया गया।
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इर्री के मनिला (फ़िलिपीन्स) के संस्थान में कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री योगी के आने हेतु महानिदेशक इर्री द्वारा आमंत्रण भी दिया गया।
इंक्यूबेशन सेंटर कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित करने हेतु इर्री के सहयोग से तैयार करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। चावल आधारित कुकीज जिसमें मिलेट्स को मिलाकर तैयार किया जाएगा। सभी कृषि विश्वविद्यालयों में कंपोस्ट टर्नर के प्रयोग से कम समय में कंपोस्ट तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
शुक्रवार को लखनऊ के प्रतिष्ठित होटल में राज्य के चारों कृषि विश्वविद्यालयों के साथ इर्री के बीज, कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं नवीन तकनीक (चावल आधारित कृषि खाद्य प्रणाली) पर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप साही द्वारा महानिदेशक उपकार लखनऊ को त्रैमासिक समीक्षा करने का निर्देश दिया।
क्लाइमेट स्मार्ट चावल को ध्यान में रखते हुए सूखा, बाढ़ एवं एकाधिक तनाव की उपयुक्तता का आकलन, प्रचार एवं व्यवसायीकरण के लिए भौगोलिक संकेत (जी आई) क्षेत्रों में बेहतर काला नमक, बादशाह पसंद, जीरा 32, आदम चीनी की स्थानीय प्रजातियों को कम अवधि मैं तैयार किये जाने संबंधी शोध पर विशेष बल दिया गया। चावल की किस्मों का मूल्यांकन, स्वास्थ्यवर्धक चावल की किस्मों (बायोफोर्टीफाइड चावल- ज़िंक युक्त, प्रोटीन युक्त और कम रासायनिक इंडेक्स वाली जी आई किस्में ) और शुरुआती पीढ़ी के बीज का मूल्यांकन और स्केलिंग और किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन पर भी सहयोग हेतु आपसी सहमति बनी।