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राम मंदिर के डिजाइन पर दिल्ली में मंथन आज, पटेल ट्रस्ट के मार्गदर्शन में लगेगी मूर्ति
Thu, 16 Jan 2020 01:03 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 16 Jan 2020 01:03 PM IST
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प्रस्तावित संरचना
- फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर की डिजाइन तय करने के लिए आज दिल्ली में बैठक होगी। बैठक में यूपी से भी कुछ विभागों के अधिकारी दिल्ली जाएंगे।
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मंदिर की डिजाइन तय होने के बाद अयोध्या में 251 मीटर ऊंची प्रतिमा के स्थान चयन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहमति ली जाएगी। इसके बाद ही अयोध्या में भगवान राम की यह प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
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प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि 30 जनवरी तक राम मंदिर की डिजाइन तय हो जाएगी। मंदिर का आकार, ऊंचाई तय होने के बाद ही अयोध्या में श्रीराम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा के लिए स्थान चयन किया जाएगा।
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अयोध्या के जिला प्रशासन ने अब माझा, मीरनपुर और जमथरा में स्थानों का प्रस्ताव दिया है। वहां जमीन अधिग्रहण की कागजी कार्यवाही शुरू हो गई है। राम मंदिर डिजाइन के साथ ही श्रीराम की प्रतिमा के स्थान का प्रस्तुतीकरण भी प्रधानमंत्री कार्यालय में किया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही तीनों प्रस्तावित स्थलों में से किसी एक का चयन होगा।
सरदार पटेल ट्रस्ट के मार्गदर्शन में लगेगी मूर्ति
अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्रतिमा लगाने में सरदार पटेल ट्रस्ट मार्गदर्शन करेगा। पर्यटन विभाग ने ट्रस्ट के साथ एमओयू किया है। ट्रस्ट मूर्ति लगाने में तकनीकी सहयोग के साथ लोहे सहित अन्य धातुओं की क्वालिटी, ग्लोबल टेंडर सहित अन्य कार्यों में सहयोग करेगा।
नए सिरे से होगा कार्यदायी संस्था का चयन
50 करोड़ से अधिक के कार्य ओपन टेंडर से कराने के प्रदेश सरकार के निर्णय के तहत मूर्ति लगाने के लिए कार्यदायी संस्था का नए सिरे से चयन किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने पहले राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया था। निगम के एमडी उत्तम गहलोत ने बताया कि निगम अब कार्यदायी संस्था नहीं है।
नए सिरे से होगा कार्यदायी संस्था का चयन
50 करोड़ से अधिक के कार्य ओपन टेंडर से कराने के प्रदेश सरकार के निर्णय के तहत मूर्ति लगाने के लिए कार्यदायी संस्था का नए सिरे से चयन किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने पहले राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया था। निगम के एमडी उत्तम गहलोत ने बताया कि निगम अब कार्यदायी संस्था नहीं है।