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यूपी में बनेगा धर्मार्थ कार्य विभाग, काशी में निदेशालय और गाजियाबाद में होगा उप-कार्यालय
Sat, 12 Dec 2020 12:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 12 Dec 2020 12:16 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला।
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प्रदेश में धर्मार्थ कार्य विभाग का निदेशालय गठित किया जाएगा। निदेशालय का मुख्यालय बनारस में होगा और निदेशालय का उप कार्यालय गाजियाबाद में होगा। शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में निदेशालय गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। निदेशालय गठन के बाद सभी धार्मिक स्थलों के रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन के लिए सरकार अध्यादेश लेकर आएगी।
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प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के अनुसार बीते साढ़े तीन साल में प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों को विशेष पहचान दिलाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने बहुत कार्य किए हैं। काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, विंध्याचल धाम सहित अन्य तीर्थ स्थानों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए कार्य किए जा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रदेश में धार्मिक गतिविधियों के सहज एवं सुचारु संचालन के लिए विभाग में निदेशालय गठित किया जा रहा है। निदेशालय का मुख्यालय वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की ओर से उपलब्ध कराए गए भवन में होगा, जबकि उप कार्यालय गाजियाबाद स्थित कैलास मानसरोवर भवन में होगा।
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निदेशालय में एक निदेशक, दो संयुक्त निदेशक, एक लेखाधिकारी, दो कार्यलय अधीक्षक, तीन आशुलिपिक, दो स्थापना सहायक, दो कम्प्यूटर सहायक, तीन ड्राइवर और तीन अनुसेवक के पद सृजित किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि धर्मार्थ संस्थाओं व मंदिरों की व्यवस्थाओं के लिए 1985 में धर्मार्थ कार्य विभाग का गठन किया गया था। विभागीय मंत्री के अलावा इसका सिर्फ एक अनुभाग अपर मुख्य सचिव के नेतृत्व में शासन स्तर पर संचालित है। करीब साढ़े तीन दशक बाद भी विभाग का निदेशालय नहीं स्थापित नहीं था। विभाग में निदेशालय की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
निदेशालय की प्राथमिकता
- श्री काशी विश्वनाथ मंदिर अधिनियम-1983 का गठन एवं संचालन प्रबन्धन
- श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद का गठन एवं संचालन
- श्री कैलाश मानसरोवर भवन गाजियाबाद का निर्माण एवं प्रबन्धन
- चित्रकूट परिक्रमा स्थल एवं भजन संध्या स्थल का निर्माण
- अयोध्या भजन संध्या स्थल का निर्माण एवं प्रबन्धन
- वैदिक विज्ञान केन्द्र बीएचयू वाराणसी
- कैलाश मानसरोवर तीर्थ यात्रा अनुदान
- सिन्धु दर्शन यात्रा अनुदान, राज गोपाल ट्रस्ट लखीमपुर खीरी, अयोध्या का प्रबन्धन
- बांदा के मौनी बाबा मेला का प्रबन्धन
- बांदा के श्री गोपाल मंदिर चरखारी मंदिर का प्रबन्धन
- बुलंदशहर के माँ बेला भवानी मंदिर का प्रबन्धन
- प्रदेश के महत्वपूर्ण पौराणिक स्थलों को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित किया जाना
- भिनगाराज संकट मोचन हनुमान जी मंदिर वाराणसी का प्रबन्धन
- शाकम्भरी देवी सहारनपुर का प्रबन्धन
- झांसी, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, वाराणसी के विलीनीकृत मंदिरों को अनुदान
- सभी धार्मिक स्थलों के रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन से संबंधित अध्यादेश-2020